क्या जेएनयू पढ़ाई का स्थान है, नफरत फैलाने का नहीं? - शायना एनसी

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क्या जेएनयू पढ़ाई का स्थान है, नफरत फैलाने का नहीं? - शायना एनसी

सारांश

शिवसेना नेता शायना एनसी ने जेएनयू के विवादित नारों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पढ़ाई का स्थान बताया। उन्होंने नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जानें और समझें इस महत्वपूर्ण मुद्दे को।

Key Takeaways

  • जेएनयू एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है।
  • शायना एनसी ने नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की ज़रूरत बताई।
  • महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा पर जोर दिया गया।

मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की नेता शायना एनसी ने पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में उठाए गए विवादित नारों को लेकर कहा कि जेएनयू एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है। यह केवल पढ़ाई करने की जगह हो सकती है, लेकिन यह कभी भी 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग नहीं बन सकती।

शायना एनसी ने मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा का स्थान है, न कि नफरत फैलाने का। जेएनयू में जो नफरत हमने देखी है, वह न केवल असमंजस में डालने वाली है, बल्कि चिंताजनक भी है। अब समय आ गया है कि इन एफआईआर के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि दोषियों और उनके सहयोगियों पर भी कानूनी कार्रवाई हो, क्योंकि ये लोग भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस और लेफ्ट चुप्पी साधे हुए हैं।

बीएमसी चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि कई नेता केवल बातें करते हैं, लेकिन असल में कुछ नहीं करते। हमारे नेता एकनाथ शिंदे अलग हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और शिक्षित होना चाहिए। बीएमसी चुनाव में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि महिलाओं को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने महाराष्ट्र की महायुति सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सीसीटीवी हर जगह लगाए गए हैं, ताकि रात में यात्रा करने वाली महिलाओं को कोई कठिनाई न हो। महायुति सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध कम हुए हैं।

शायना एनसी ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के ट्रंप और मोदी को लेकर दिए बयान पर कहा कि मैं पृथ्वीराज चव्हाण को यह बताना चाहती हूं कि देश प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में सुरक्षित है। उन्हें यह पता है कि क्या करना है और लोगों को कैसे सुरक्षित रखना है। पृथ्वीराज चव्हाण के सवाल से लगता है कि वे शायद विदेश मंत्रालय के बयान नहीं पढ़ रहे हैं, जहां हम वैश्विक शांति की बात करते हैं। हमारी सबसे पहली प्राथमिकता भारत की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे सफल ऑपरेशनों को वे शायद भूल गए हैं। भारत जवाब देना जानता है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि जेएनयू का नाम अक्सर विवादों में घिरता है। लेकिन हमारी समझ यह होनी चाहिए कि शिक्षा का उद्देश्य नफरत नहीं, बल्कि विकास और एकता है। इसलिए, हमें इस संस्था की प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

जेएनयू में विवादित नारों का क्या मतलब है?
ये नारें नफरत फैलाने वाले विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो शिक्षा के उद्देश्य के विपरीत हैं।
शायना एनसी ने क्या सुझाव दिया?
उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीएमसी चुनाव में महिलाओं के लिए क्या योजनाएं हैं?
महिलाओं को सुरक्षित और शिक्षित करने के लिए कई योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
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