जेपी नड्डा ने विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर लगाई निंदा की

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जेपी नड्डा ने विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर लगाई निंदा की

सारांश

जेपी नड्डा ने विपक्ष के सदन में व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि उन्हें देश के हितों की कोई परवाह नहीं है। इस दौरान विदेश मंत्री ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन विपक्ष ने अव्यवस्था की।

Key Takeaways

  • जेपी नड्डा का विपक्ष के प्रति कटाक्ष
  • विपक्ष की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियाँ
  • विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण जानकारी
  • सदन में हंगामा और वॉकआउट

09 मार्च, नई दिल्ली (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उनका व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। यह अत्यंत निंदनीय है और इसकी जितनी भी आलोचना की जाए, वह कम है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को न तो देश के हित की चिंता है और न ही गंभीर चर्चा में कोई रुचि।

राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य केवल सदन में अव्यवस्था उत्पन्न करना है। दरअसल, सोमवार को जब विदेश मंत्री एस जयशंकर राज्यसभा में ईरान-इजरायल युद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों और मध्यपूर्व में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के बारे में जानकारी दे रहे थे, उस दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ।

हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। वहीं, नारेबाजी के साथ विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी किया। इसके बाद, नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधा। नड्डा ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस संकट से कैसे निपट रही है और विभिन्न चुनौतियों का सामना कैसे कर रही है।

नड्डा ने बताया कि विपक्ष की ओर से ऊर्जा सुरक्षा पर उठाए गए प्रश्नों का भी विस्तार से उत्तर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह सजग और सक्रिय है, और हर स्थिति पर नजर बनाए रखे हुए है। सरकार भारत की जनता और देश की आवश्यकताओं के अनुसार आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता (मल्लिकार्जुन खड़गे) को राज्यसभा नियम 176 के तहत बोलने का मौका दिया गया, लेकिन नेता प्रतिपक्ष ने विषय से भटककर अन्य मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी। उन्हें पता था कि विदेश मंत्री इस विषय पर विस्तृत जानकारी देने वाले हैं, फिर भी उन्होंने चर्चा को भटकाने की कोशिश की। विपक्ष का इतिहास भी यही है कि जब गंभीर चर्चा होती है, तब वे उसमें भाग लेने के बजाय हंगामा करते हैं या वॉकआउट कर जाते हैं। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2025 में जब चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई, तब विपक्ष वॉकआउट कर गया।

इसी प्रकार, अगस्त 2025 में जब भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर चर्चा हो रही थी, तब भी विपक्ष ने उस चर्चा में भाग नहीं लिया। इसके अलावा, जब गृह मंत्री अमित शाह को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम की घटनाओं पर जवाब देना था, तब भी विपक्ष सदन से बाहर चला गया। बजट चर्चा के दौरान भी ऐसा ही हुआ। जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जवाब देने के लिए खड़ी हुईं, तब भी विपक्ष वॉकआउट कर गया।

नड्डा ने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना है और इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि विपक्ष का ध्यान देश के हित पर नहीं है। उन्हें भारत के विकास या आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने में कोई रुचि नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना है, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

Point of View

NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

जेपी नड्डा ने विपक्ष के बारे में क्या कहा?
जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और उन्हें देश के हित की कोई परवाह नहीं है।
क्या विदेश मंत्री ने सदन में महत्वपूर्ण जानकारी दी?
हां, विदेश मंत्री ने ईरान-इजरायल युद्ध और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी।
विपक्ष ने सदन में क्या किया?
विपक्ष ने हंगामा किया और कई बार सदन से वॉकआउट भी किया।
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