15 अक्टूबर 2026
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कालिंदी कुंज हत्याकांड: जेल की पुरानी रंजिश में शाहिद हुसैन की चाकू मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार

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कालिंदी कुंज हत्याकांड: जेल की पुरानी रंजिश में शाहिद हुसैन की चाकू मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार

सारांश

बीयर पार्टी का बहाना, जेल की पुरानी दुश्मनी और एक सुनियोजित जाल — दिल्ली के कालिंदी कुंज में शाहिद हुसैन की हत्या महज चाकूबाजी नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित साजिश थी। पुलिस ने तीन आरोपी पकड़े, बाकी की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के कालिंदी कुंज में शाहिद हुसैन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
मृतक शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव-II का निवासी था; अपोलो अस्पताल में पहुँचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।
हत्या जेल के दौरान हुई पुरानी रंजिश का बदला थी — जेल में हुसैन ने तरुण उर्फ रंजन को घायल किया था।
शाबिद मलिक उर्फ मोनू ने बीयर पार्टी का बहाना बनाकर हुसैन को बुलाया, और लौटते वक्त हमला किया गया।
पुलिस ने 21 वर्षीय करण उर्फ करम शाह सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया; गौरव गुम्मा, अमन और राजा कथित तौर पर साजिश में शामिल।
27 वर्षीय अबूजर उर्फ सोनू ने हमले के लिए अपनी नई बाइक उपलब्ध कराई थी।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में 15 अक्टूबर 2026 को एक सुनियोजित साजिश के तहत शाहिद हुसैन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जाँच के अनुसार यह हमला जेल के दौरान हुई पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए किया गया था। पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और मामले की जाँच जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

मृतक शाहिद हुसैन शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव-II का निवासी था। पुलिस के अनुसार, हुसैन हरियाणा के बसंतपुर में मदनपुर खादर के रहने वाले शाबिद मलिक उर्फ मोनू से मिलने गया था। दोनों ने एक रेस्टोरेंट में बैठकर बीयर पी। जब हुसैन अपने स्कूटर से वापस लौट रहा था, तभी काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार चार लोगों ने उसे रोककर चाकू से हमला किया और फरार हो गए।

कालिंदी कुंज थाने के कांस्टेबल अवधेश ने घायल हुसैन को अपोलो अस्पताल पहुँचाया, लेकिन अस्पताल द्वारा शाम 5:32 बजे जारी मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट में पुष्टि की गई कि अस्पताल पहुँचने तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। हेड कांस्टेबल मनीष ने ड्यूटी ऑफिसर को चाकूबाजी की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस दल श्रीराम चौक पहुँचा। घटनास्थल पर एक लावारिस स्कूटर और उसके पास खून के धब्बे मिले।

साजिश की परतें: बीयर पार्टी बनी जाल

पुलिस जाँच में सामने आया कि यह हत्या पूरी तरह से पूर्व-नियोजित थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि तरुण उर्फ रंजन और शाबिद मलिक ने मिलकर हुसैन को बीयर पार्टी के बहाने बुलाने और लौटते समय उस पर हमला करने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में गौरव गुम्मा, अमन और राजा भी कथित तौर पर शामिल थे।

27 वर्षीय अबूजर उर्फ सोनू ने इस अपराध के लिए अपनी नई खरीदी गई बाइक मुहैया कराई थी। पुलिस ने पूछताछ के लिए शाबिद मलिक को हिरासत में लिया और बाद में मदनपुर खादर की जेजे कॉलोनी के निवासी 21 वर्षीय करण उर्फ करम शाह को समोसा चौक के पास से पकड़ा। पुलिस के अनुसार हमले के दौरान करण के बाएं पैर में भी चाकू लगा था, क्योंकि वही मोटरसाइकिल चला रहा था।

हत्या की जड़: जेल में हुई रंजिश

पूछताछ में करण ने बताया कि यह हत्या हुसैन और तरुण के बीच जेल के दौरान हुई पुरानी रंजिश का परिणाम है। जेल में रहने के दौरान हुसैन ने तरुण को घायल किया था। तरुण को आशंका थी कि रिहाई के बाद हुसैन उसे निशाना बना सकता है, इसलिए उसने पहले वार करने की योजना बनाई।

यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि किस प्रकार जेल के भीतर पनपी दुश्मनियाँ बाहर आकर अपराध की शक्ल लेती हैं — यह दिल्ली में यह पहली ऐसी घटना नहीं है जहाँ जेल-काल की रंजिश सड़क पर खून बहाने तक पहुँची हो।

जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फरार साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है। मामले में धारा ३०२ (हत्या) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया चल रही है और बाकी आरोपियों तक जल्द पहुँचने का दावा किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित थी। इस मामले में अब भी कई आरोपी फरार हैं, जो जाँच की गति और सफलता पर सवाल खड़े करता है। पुलिस को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बाइक मुहैया कराने वाले और बाकी साजिशकर्ताओं पर भी समान रूप से मुकदमा चले।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कालिंदी कुंज में शाहिद हुसैन की हत्या क्यों की गई?
पुलिस जाँच के अनुसार यह हत्या जेल के दौरान हुई पुरानी रंजिश का बदला थी। जेल में शाहिद हुसैन ने तरुण उर्फ रंजन को घायल किया था, जिससे तरुण को डर था कि रिहाई के बाद हुसैन उसे नुकसान पहुँचाएगा।
इस मामले में अब तक कितने और कौन से आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शाबिद मलिक उर्फ मोनू और 21 वर्षीय करण उर्फ करम शाह शामिल हैं। गौरव गुम्मा, अमन, राजा और अबूजर उर्फ सोनू कथित तौर पर भी साजिश में शामिल थे और उनकी तलाश जारी है।
हत्या की साजिश कैसे रची गई थी?
पुलिस के अनुसार तरुण और शाबिद ने मिलकर हुसैन को बीयर पार्टी के बहाने बुलाने की योजना बनाई। जब हुसैन स्कूटर से लौट रहा था, तब काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार चार लोगों ने उसे घेरकर चाकू मारा।
शाहिद हुसैन कौन था और उसे अस्पताल कौन ले गया?
शाहिद हुसैन शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव-II का निवासी था। कालिंदी कुंज थाने के कांस्टेबल अवधेश उसे अपोलो अस्पताल ले गए, जहाँ शाम 5:32 बजे जारी मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट में पुष्टि हुई कि वह अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ चुका था।
क्या इस मामले में जाँच अभी भी जारी है?
हाँ, पुलिस के अनुसार मामले की जाँच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों की न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया चल रही है और अभी भी कई कथित साजिशकर्ता फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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