दिलशाद कॉलोनी हत्याकांड: पुराने विवाद में जीशान की हत्या, तीनों आरोपी सोनू, लक्ष्मी नारायण और अमन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के दिलशाद कॉलोनी रेड लाइट के पास 16-17 मई 2026 की रात हुए हत्याकांड को सीमापुरी पुलिस ने सुलझा लिया है। एक पुराने विवाद की आड़ में जीशान नामक युवक की चाकू और डंडे से हत्या कर दी गई, और घटना के कुछ ही घंटों के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
16 मई की रात लगभग 11 बजे सीमापुरी थाने को सूचना मिली कि दिलशाद कॉलोनी रेड लाइट के निकट सर्विस लेन में एक घायल व्यक्ति पड़ा है। एक राहगीर उसे जीटीबी अस्पताल ले गया, जहाँ 17 मई की रात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल दोनों पर पहुँचे।
चश्मदीद की गवाही से खुला राज़
पूछताछ के दौरान गौरव नामक एक चश्मदीद सामने आया, जिसने मृतक की पहचान अपने दोस्त जीशान के रूप में की। गौरव के बयान के अनुसार, दोनों उस रात सर्विस लेन से गुज़र रहे थे, तभी सोनू, लक्ष्मी नारायण और मोहम्मद अमन उर्फ शाहिद — तीनों परिचित — एक स्कूटी पर वहाँ पहुँचे और पुराने विवाद को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया।
गौरव ने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे चेतावनी दी कि वह दूर रहे। इसके बाद मोहम्मद अमन उर्फ शाहिद ने जीशान को जकड़ लिया, सोनू ने धारदार हथियार निकालकर उसकी छाती पर वार किया और लक्ष्मी नारायण ने डंडे से हमला किया। वारदात के बाद तीनों मौके से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की जाँच के लिए तत्काल एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और घटना के कुछ ही घंटों के भीतर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोनू मज़दूरी करता है, लक्ष्मी नारायण फुटपाथ पर जूते बेचता है, जबकि मोहम्मद अमन एक सैलून में दिहाड़ी मज़दूर के रूप में काम करता है। तीनों आरोपी पीड़ित जीशान के परिचित थे और हत्या का कारण पुराना व्यक्तिगत विवाद बताया जा रहा है।
आगे की जाँच
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस मामले में विवाद की जड़ और किसी अन्य संभावित संलिप्तता की जाँच कर रही है। बरामद चाकू को फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जाएगा।