दिल्ली के गांधीनगर से गिरफ्तार 50,000 का इनामी हत्यारोपी, ढाई साल से था फरार

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दिल्ली के गांधीनगर से गिरफ्तार 50,000 का इनामी हत्यारोपी, ढाई साल से था फरार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने ढाई साल से फरार एक हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर 50,000 रुपये का इनाम था। यह गिरफ्तारी गांधीनगर से हुई है, जहां वह छिपा हुआ था। जानिए इस हत्याकांड की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की मेहनत का परिणाम है।
घटना ने इलाके में दहशत फैला दी थी।
आरोपी ने कई स्थानों पर अपनी पहचान छिपाई थी।
पीड़ित परिवार को अब न्याय मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की तकनीकी निगरानी ने गिरफ्तारी में मदद की।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले ढाई वर्षों से फरार था। उस पर 50,000 का इनाम रखा गया था। आरोपी की पहचान सरिता विहार निवासी अतोनु हल्दर उर्फ अतुल हल्दर (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गांधीनगर से पकड़ा, जहां वह छिपा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, 2023 में सरिता विहार पुलिस स्टेशन पर हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस घटनाक्रम ने इलाके में भय का माहौल बना दिया था, क्योंकि हत्या अत्यंत निर्दयता से की गई थी।

यह घटना 15 सितंबर 2023 को हुई। उस समय शिकायतकर्ता एक 15 वर्षीय छात्र था। उसने बताया कि उसके पिता श्मशान घाट से लौटे थे, तभी सह आरोपी राजू पात्रा ने उनके साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। उसी रात राजू पात्रा अपने 7-8 साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर आया, सभी के पास चाकू, लाठी और अन्य घातक हथियार थे।

आरोपियों ने मिलकर पीड़ित पर हमला किया। जान बचाने के लिए पीड़ित पास के एक घर में घुसने की कोशिश करने लगा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और हमला करते रहे। जब उसकी पत्नी ने बचाव करने की कोशिश की, तो वह भी घायल हो गई। हमलावर पीड़ित को मृत समझकर भाग गए। बाद में पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अतोनु हल्दर फरार हो गया। उसे अदालत द्वारा घोषित अपराधी माना गया और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम रखा गया।

क्राइम ब्रांच की एएनटीएफ टीम ने लगातार इस आरोपी की खोज जारी रखी। महीनों की मेहनत, तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला कि आरोपी गुजरात के गांधीनगर में छिपा हुआ है। इसके बाद इंस्पेक्टर महिपाल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह टीम एसीपी सतेंद्र मोहन की निगरानी और डीसीपी राहुल अलवाल के मार्गदर्शन में काम कर रही थी।

जांच के दौरान पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया, जिसकी लोकेशन हर महीने अलग-अलग राज्यों में बदल रही थी। इससे स्पष्ट हुआ कि आरोपी लगातार अपनी जगह बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने गांधीनगर में जाल बिछाया और एक सुनियोजित ऑपरेशन के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसे एक सह आरोपी का फोन आया था, जिसने कहा कि एक व्यक्ति ने उसकी मां को थप्पड़ मारा है। इस बात से गुस्साए आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के घर पर हमला किया। वारदात के बाद वह अपने साथियों के साथ मुंबई भाग गया, जहां वह करीब एक साल तक रहा।

इसके बाद वह प्रयागराज चला गया और फिर लगभग एक साल पहले गुजरात पहुंचा। इस दौरान वह लगातार नौकरी बदलता रहा, ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके।

आरोपी ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और वह एक फर्म में स्टोर हेल्पर के रूप में काम कर रहा था, जहां उसे करीब 12,000 रुपए महीने की तनख्वाह मिलती थी। उसका पैतृक संबंध पश्चिम बंगाल से है।

पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी उनकी लगातार कोशिशों और धैर्य का परिणाम है। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े आरोपी को पकड़ा गया है, बल्कि पीड़ित परिवार को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस हत्याकांड में आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी की पहचान अतोनु हल्दर उर्फ अतुल हल्दर के रूप में हुई है, जो 23 वर्ष का है।
आरोपी को किस स्थान से गिरफ्तार किया गया?
आरोपी को गुजरात के गांधीनगर से गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में पुलिस ने कितने आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया था?
इस मामले में पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
इस घटना की शुरुआत कैसे हुई थी?
यह घटना तब शुरू हुई जब सह आरोपी ने शिकायतकर्ता के पिता को गाली दी थी।
आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए क्या किया?
आरोपी ने अपनी जगह बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश की।
राष्ट्र प्रेस
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