क्या केरल के कन्नूर में संदिग्ध देसी बम विस्फोट ने एक व्यक्ति की जान ले ली?

सारांश
Key Takeaways
- कन्नूर में हुए विस्फोट ने एक व्यक्ति की जान ले ली।
- विस्फोट देसी बम निर्माण से जुड़ा हो सकता है।
- घटनास्थल पर फोरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद हैं।
- इस घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
- इस क्षेत्र में अवैध बम निर्माण का इतिहास रहा है।
कन्नूर, ३० अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केरल के कन्नूर जिले के कन्नपुरम में शनिवार सुबह एक घर में हुए भयंकर विस्फोट ने एक व्यक्ति की जान ले ली और कई अन्य घायल हो गए।
यह विस्फोट एक देसी बम के कारण होने की संभावना जताई जा रही है, जो इतना प्रबल था कि शव के टुकड़े-टुकड़े हो गए और अवशेष घटनास्थल पर बिखरे पड़े मिले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट ने घर को मलबे में बदल दिया। आस-पास के कई घर भी इस विस्फोट से प्रभावित हुए हैं।
पुलिस को संदेह है कि देसी बम बनाने के दौरान यह विस्फोट दुर्घटनावश हुआ होगा। घर के मालिक, कीझारा गोविंदन ने इसे कन्नूर से लगभग ४० किलोमीटर दूर पय्यान्नूर में स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाने वाले दो लोगों को पट्टे पर दिया था।
मृतकों और घायलों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। विस्फोट के समय घर में कितने लोग मौजूद थे, यह अभी भी ज्ञात नहीं है।
विस्फोट के प्रभाव से आसपास के घर क्षतिग्रस्त हो गए, दीवारें टूट गईं और दरवाजे उखड़ गए। फोरेंसिक विशेषज्ञ और बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल पर साक्ष्य एकत्र करने और परिस्थितियों की जांच के लिए कदम उठाए हैं।
यह विस्फोट एक बार फिर कन्नूर जिले में अवैध बम निर्माण के बढ़ते मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करता है।
इस क्षेत्र में ऐसी घटनाओं का एक लंबा इतिहास है, जो अक्सर राजनीतिक विवाद का कारण बनती रही हैं। अप्रैल २०२४ में, सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक कार्यकर्ता की पनूर में इसी तरह के एक देसी बम विस्फोट में जान चली गई थी।
साल १९९९ में, थालास्सेरी में एक ९० साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। उन्हें एक सुनसान जमीन पर स्टील बम मिला था, जिसे उन्होंने गलती से उठा लिया था। इस प्रकार की घटनाओं में अक्सर बच्चे और आम नागरिक मारे जाते हैं। ये घटनाएं इस इलाके में राजनीतिक तनाव और आपसी आरोप-प्रत्यारोप का कारण बनती रही हैं।