कानपुर पुलिस मुठभेड़: गोकशी मामले के दो फरार आरोपी गिरफ्तार, गोली लगने से घायल
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर में पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को गोकशी की घटना से जुड़े दो फरार अभियुक्तों को फजलगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दोनों अभियुक्त जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हुए और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि 7 और 8 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि नवाबगंज थाना क्षेत्र में गोकशी की घटना हुई थी, जिसके बाद मौके से गौ-अवशेष बरामद किए गए थे। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर स्वॉट, सर्विलांस, साइबर और नवाबगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की थीं। इसी कार्रवाई के तहत गुरुवार को एक अभियुक्त को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
मुठभेड़ का विवरण
शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि दो अन्य वांछित अभियुक्त फजलगंज थाना क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद फजलगंज पुलिस, स्वॉट, सर्विलांस और साइबर टीम ने मिलकर घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि अभियुक्तों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर पहले फायरिंग की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए।
अभियुक्तों की स्थिति और आगे की जाँच
घायल अभियुक्तों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस उपायुक्त अतुल श्रीवास्तव के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
होमगार्ड भर्ती में डॉक्टरों से मारपीट का अलग मामला
इसी दौरान कानपुर पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती की मेडिकल परीक्षा के दौरान डॉक्टरों से मारपीट का एक अलग मामला भी सामने आया। सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली) अमित कुमार पांडेय ने बताया कि गुरुवार को लगभग 7.30 बजे सूचना मिली कि कुछ अभ्यर्थियों ने डॉक्टरों पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। जाँच में कुछ अभ्यर्थियों की ओर से डॉक्टरों और अन्य व्यक्तियों के खातों में पैसे भेजने और नकद भुगतान की बात सामने आई है। इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या होगा आगे
गोकशी मामले में अभियुक्तों से पूछताछ के बाद अन्य संभावित आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण से जुड़े मामलों में पुलिसिया सख्ती बढ़ी हुई है। गौरतलब है कि दोनों मामलों की जाँच अलग-अलग टीमें कर रही हैं और अंतिम विधिक कार्रवाई जाँच रिपोर्ट पूरी होने के बाद की जाएगी।