गोरखपुर पुलिस मुठभेड़: दो चेन स्नेचर पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार, सिपाही भूपेंद्र यादव भी घायल
सारांश
मुख्य बातें
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में 17 अगस्त 2026 की देर रात पुलिस और दो कुख्यात चेन स्नेचरों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान कैंट पुलिस के सिपाही भूपेंद्र यादव भी घायल हो गए और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 2 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों बदमाश शहर में किसी नई वारदात की तैयारी में हैं। इस पर कैंट पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने पैडलेगंज के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। बाइक पर सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया, तो पुलिस के अनुसार, घिरता देख दोनों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और वे काबू में आ गए।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों की पहचान अजय उर्फ मंगरु — निवासी देउरवीर गांव, गगहा थाना क्षेत्र — और संजय — निवासी कसिहार, बेलीपार थाना क्षेत्र — के रूप में की है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अजय के खिलाफ विभिन्न थानों में 7 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि संजय पर 11 मुकदमे हैं। दोनों चेन स्नेचिंग की कई घटनाओं में पहले भी शामिल रहे हैं।
पिछली वारदातें
पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को एक महिला अपने पति के साथ सब्जी लेने जा रही थी, तभी बाइक सवार इन्हीं दोनों ने उसके गले से चेन छीन कर फरार हो गए थे। इस मामले में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी तरह 29 जुलाई 2026 की सुबह एक अन्य महिला टहलने निकली थी, जिसके गले से भी आरोपियों ने चेन छीन ली थी — उस मामले में भी कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज है।
बरामदगी और पुलिस प्रतिक्रिया
पुलिस ने दोनों बदमाशों के कब्जे से दो चेन, एक बाइक, एक देशी तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। एसपी सिटी निमिष पाटील ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की गई। घायल सिपाही भूपेंद्र यादव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
आगे की जाँच
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनसे जुड़े अन्य आपराधिक मामलों और चेन स्नेचिंग की अनसुलझी घटनाओं की कड़ियाँ जोड़ने में लगी है। यह मुठभेड़ गोरखपुर में चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस की सक्रियता का संकेत देती है।