कपिल मिश्रा का AAP पर हमला: केजरीवाल को नकारा, सीजेपी नेताओं को बताया 'किराये के क्रांतिवीर'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने 22 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़े नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका पर तीखा हमला बोला। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा इन सीजेपी नेताओं को समन जारी किए जाने के बीच मिश्रा ने उन्हें 'किराये के क्रांतिवीर' बताते हुए दावा किया कि दिल्ली की जनता केजरीवाल को नकार चुकी है और पंजाब में भी AAP के लिए यही हश्र होगा।
मिश्रा के मुख्य आरोप
मिश्रा ने कहा कि सीजेपी से जुड़े लोग केजरीवाल के समर्थन में काम कर रहे हैं और अलग-अलग नामों से विरोध-प्रदर्शनों के ज़रिए अराजकता फैलाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी नेता केजरीवाल से वेतन लेकर काम कर रहे हैं, जिसे जनता भलीभाँति समझ चुकी है। गौरतलब है कि ये आरोप मिश्रा के व्यक्तिगत दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमित शाह के बयान पर मिश्रा का समर्थन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों पर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए मिश्रा ने कहा कि ये सभी प्रदर्शन केवल एक बहाना हैं और असली मुद्दा देश में अराजकता फैलाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सली, जिहादी और भ्रष्टाचारी एकजुट हो गए हैं, जिन्हें जनता बार-बार चुनावों में नकार चुकी है। मिश्रा ने एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि फ्रांस और भारत में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के पीछे एक जैसे समूह, लोग और फंडिंग के स्रोत हैं — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पंजाब पर निशाना
मिश्रा ने यह भी कहा कि जिस तरह दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनता ने AAP को नकारा, उसी तर्ज पर पंजाब विधानसभा चुनाव में भी AAP को जनाधार खोना पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। मिश्रा का यह दावा उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन है।
आरसीएल मैच और चिराग पासवान की प्रतिक्रिया
इसी अवसर पर संतों और फिल्मी सितारों के बीच प्रस्तावित आरसीएल मैच पर भी चर्चा हुई। मिश्रा ने इसे 'सराहनीय पहल' बताया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दोनों टीमों को बधाई देते हुए कहा, 'मैं चाहूंगा कि आस्था की जीत हो।' पासवान ने आयोजकों का आभार भी जताया कि वे भोजन की बर्बादी कम करने और ज़रूरतमंदों तक पौष्टिक भोजन पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब AAP दिल्ली में सत्ता खोने के बाद विपक्षी भूमिका में है और पंजाब में अपनी सरकार बचाने की कोशिश में है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का सीजेपी नेताओं को समन जारी करना इस राजनीतिक विवाद को और गहरा बनाता है। आगामी समय में पंजाब की राजनीतिक हलचल और सीजेपी-पुलिस मामले की जाँच इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।