दशहरे पर बेंगलुरु BJP कार्यालय में आयुध पूजा, विजयेंद्र ने किसानों के लिए माँगा आशीर्वाद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर बेंगलुरु स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित आयुध पूजा में भाग लिया और माँ चामुंडेश्वरी से कर्नाटक तथा देशभर के किसानों की समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
आयुध पूजा समारोह और किसानों के लिए प्रार्थना
विजयेंद्र ने इस अवसर पर कहा, 'विजयादशमी और आयुध पूजा के पावन अवसर पर मैं माँ चामुंडेश्वरी से कर्नाटक और पूरे देश के किसानों के सुखद जीवन के लिए प्रार्थना करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि किसान इस समय सूखे के कारण भारी संकट का सामना कर रहे हैं और उन्होंने ईश्वर से किसानों की मदद की प्रार्थना की।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक के कई जिले सूखे की चपेट में बताए जा रहे हैं और किसान वर्ग आर्थिक दबाव में है।
केंद्र सरकार की नीतियों की तारीफ
विजयेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की बदौलत गन्ना किसानों और चीनी उद्योग की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने केंद्र द्वारा प्रोत्साहित 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन), चीनी मिल मालिकों को दी गई आर्थिक सहायता और इथेनॉल उत्पादन पर सरकारी सब्सिडी को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस सरकार पर हमला
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से राज्य में विकास कार्य ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सूखे की समस्या से निपटने में 'पूरी तरह विफल' रहे हैं और राज्य की आर्थिक स्थिति 'लगातार और खराब होती जा रही है।'
विजयेंद्र ने कहा, 'लोग इस भ्रष्ट कांग्रेस सरकार से बुरी तरह तंग आ चुके हैं।' गौरतलब है कि BJP कर्नाटक में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है और इस तरह के बयान विधानसभा चुनावी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवकुमार का मैसूर दशहरा को लेकर संदेश
दूसरी ओर, विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मैसूर दशहरा को लेकर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, 'मैसूर दशहरा कर्नाटक की शान, कन्नड़ लोगों का उत्सव — जो हमारी मिट्टी की कला, संस्कृति, परंपराओं और भव्यता का संगम है।'
शिवकुमार ने ऐतिहासिक 'जंबू सवारी' की भव्यता, लोक कलाओं, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए सभी कन्नड़वासियों और पर्यटकों को इस राज्य-स्तरीय उत्सव में आमंत्रित किया।
राजनीतिक परिदृश्य और आगे की स्थिति
दशहरे जैसे सांस्कृतिक पर्वों पर राजनीतिक गतिविधि कर्नाटक में नई बात नहीं है। BJP जहाँ आयुध पूजा के ज़रिये ज़मीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्शा रही है, वहीं कांग्रेस मैसूर दशहरा के भव्य आयोजन को सांस्कृतिक नेतृत्व के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है। आने वाले महीनों में किसान-संकट और सूखा-राहत राजनीतिक रूप से और अधिक केंद्रीय मुद्दे बन सकते हैं।