क्या कर्नाटक में फॉक्सकॉन जॉब क्रिएशन पर शाजिया इल्मी का राहुल गांधी पर हमला सही है?
सारांश
Key Takeaways
- राजनीतिक बयानबाजी के पीछे अक्सर तथ्य होते हैं।
- केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारियों को समझना आवश्यक है।
- शाजिया इल्मी ने राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए।
- ‘मेक इन इंडिया’ पहल का महत्व।
- हालात का निष्पक्ष विश्लेषण जरूरी है।
नई दिल्ली, २५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। कर्नाटक में फॉक्सकॉन से जुड़े रोजगार सृजन के मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
शाजिया इल्मी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी कर्नाटक में हुए जॉब क्रिएशन और नौकरियों की बहाली का श्रेय राज्य सरकार को दे रहे हैं, जबकि उन्हें यह जानकारी तक नहीं है कि फॉक्सकॉन एक सरकारी एजेंसी है और यह केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन से जुड़ा पूरा कार्यक्रम केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को यह तक समझ नहीं है कि केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारियां क्या होती हैं। शाजिया इल्मी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल बच्चों की तरह क्रेडिट लेने की राजनीति कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत और तथ्यों से उनका कोई सरोकार नहीं है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित फॉक्सकॉन की वूमेन लेड आईफोन यूनिट में रिकॉर्ड भर्ती का उल्लेख किया था।
शाजिया इल्मी ने राहुल गांधी के विदेश दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी वह विदेश जाते हैं, भारत को बदनाम करने का काम करते हैं। उनके बयान पूरी तरह से भ्रामक और झूठ पर आधारित होते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार हरियाणा और महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हैं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, जबकि हाईकोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि ये चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र थे।
शाजिया इल्मी ने राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह किस तरह के नेता प्रतिपक्ष हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ बताते हैं। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नेता से इस तरह की भाषा और बयान की उम्मीद नहीं की जाती।