क्या कर्नाटक प्रशासन की लापरवाही ने कानून और जनता की सुरक्षा को खतरे में डाला?

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क्या कर्नाटक प्रशासन की लापरवाही ने कानून और जनता की सुरक्षा को खतरे में डाला?

सारांश

क्या कर्नाटक प्रशासन की लापरवाही ने कानून और जनता की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है? जानें विजयपुर में बिना वैध बीमा के दौड़ रही सरकारी गाड़ी के बारे में।

Key Takeaways

  • सरकारी गाड़ी का बीमा होना अनिवार्य है।
  • बिना बीमा के गाड़ी चलाना गैरकानूनी है।
  • सरकार को नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
  • लापरवाहियों के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
  • सभी सरकारी गाड़ियों का ऑडिट आवश्यक है।

बेंगलुरु, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सरकारी दफ्तरों में लापरवाही एक आम बात हो गई है, लेकिन जब यह लापरवाही कानून और जनता की सुरक्षा से जुड़ी हो, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। विजयपुर के नेशनल हाईवे डिपार्टमेंट से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां विभाग की एक सरकारी गाड़ी बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रही है।

जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे डिपार्टमेंट विजयपुर की सरकारी गाड़ी (नंबर केए 02 जी 1904) का बीमा 5 जून 2025 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद, यह गाड़ी प्रतिदिन के कार्यों में उपयोग की जा रही है। यह जानकर आश्चर्य होता है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी गाड़ी का बीमा होना अनिवार्य है, चाहे वह निजी हो या सरकारी। फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों ने समय पर बीमा नीति का नवीनीकरण नहीं कराया या कहें कि उन्होंने इसकी परवाह नहीं की।

बिना बीमा के गाड़ी चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। यदि ऐसी गाड़ी से कोई दुर्घटना होती है, किसी को चोट लगती है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार पर आ जाती है। ऐसे मामलों में लाखों रुपये के मुआवजे के दावे सामने आ सकते हैं और अंततः इसका बोझ आम जनता, यानी टैक्स देने वालों को उठाना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी गाड़ियों के मामलों में ऐसी लापरवाही और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि सरकार स्वयं कानून बनाने वाली संस्था है। यदि वही नियमों का पालन नहीं करेगी, तो आम जनता से कानून मानने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

इस मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और एक्टिविस्टों में भी नाराजगी है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित गाड़ी का बीमा तुरंत नवीनीकरण किया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सभी सरकारी विभागों की गाड़ियों का व्यापक ऑडिट करने की मांग भी उठी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी वाहन बिना वैध कागजात के सड़कों पर न चले।

Point of View

तो यह न केवल भरोसे को कमजोर करता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति असम्मान को बढ़ावा देता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या बिना बीमा के गाड़ी चलाना गैरकानूनी है?
हाँ, मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी गाड़ी का बीमा होना अनिवार्य है।
सरकारी गाड़ी का बीमा न renew करने पर क्या कार्रवाई होगी?
इससे संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है और नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरा होता है।
क्या इस मामले में नागरिकों की जिम्मेदारी है?
नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे ऐसी लापरवाहियों के खिलाफ आवाज उठाएं।
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