क्या भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा लोगों को जागरूक करने में सफल होगा?
सारांश
Key Takeaways
- भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा का आयोजन महत्वपूर्ण है।
- नुक्कड़ नाटक से जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
- इमरजेंसी किट तैयार रखें।
- सुरक्षा तकनीकों का पालन करें।
- भविष्य में बेहतर तैयारी से नुकसान को कम किया जा सकता है।
शेखपुरा, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत शनिवार को जिले में 'भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा' (15-29 जनवरी) का आयोजन किया गया, जिसमें व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी शेखर आनंद के नेतृत्व में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से विशेष प्रचार वाहनों और नुक्कड़ नाटक दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में जाकर लोगों को सुरक्षित रहने के प्रति सचेत करेगा।
इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में यह संदेश दिया गया कि भूकंप के समय घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेना चाहिए। नाटक में 'झुको, ढको और पकड़ो' की तकनीक का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने काफी सराहा।
लोगों को बताया गया कि घर के अंदर होने पर किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं और कंपन रुकने तक उसे पकड़ कर रखें। बाहर होने पर ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर किसी खुले स्थान पर चले जाएं। वाहन चलाते समय गाड़ी को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रोक दें और अंदर ही रहें।
भूकंप के दौरान लिफ्ट का प्रयोग न कर सीढ़ियों का ही उपयोग करें। भूकंप के कारण होने वाले आपदा से बचाव के लिए प्रत्येक घर में एक इमरजेंसी किट तैयार रखें जिसमें टॉर्च, रेडियो, पानी और प्राथमिक चिकित्सा का सामान होना चाहिए।
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर तैयारी और जागरूकता से जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।