कर्नाटक SSLC Result 2025: 94.1%25 पास दर, लड़कियों ने फिर मारी बाजी

Click to start listening
कर्नाटक SSLC Result 2025: 94.1%25 पास दर, लड़कियों ने फिर मारी बाजी

सारांश

कर्नाटक SSLC परीक्षा-1 2025 में 94.1%25 पास दर के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि। पिछले साल से 14%25 की जबरदस्त उछाल। लड़कियों ने 96.18%25 के साथ लड़कों को पीछे छोड़ा। मंगलुरु 98.40%25 के साथ शीर्ष पर। 7 छात्रों ने हासिल किए पूरे 625 में 625 अंक।

Key Takeaways

  • कर्नाटक SSLC 2025 में पास दर 94.1%25 रही, जो पिछले वर्ष के 80.04%25 से 14%25 अधिक है।
  • 7,70,209 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 7,24,794 छात्र उत्तीर्ण हुए।
  • लड़कियों (96.18%25) ने लड़कों (91.94%25) से बेहतर प्रदर्शन किया।
  • ग्रामीण छात्रों (94.80%25) ने शहरी छात्रों (93.2%25) को पीछे छोड़ा।
  • मंगलुरु (98.40%25) टॉप जिला रहा, जबकि कलबुर्गी (85.06%25) सबसे नीचे।
  • पहली बार DigiLocker पर मार्क्स कार्ड उपलब्ध कराए गए और 7 छात्रों ने 625/625 अंक प्राप्त किए।

बेंगलुरु, 23 अप्रैलकर्नाटक SSLC (कक्षा 10) परीक्षा-1 2025 के परिणामों में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 94.1 प्रतिशत पास दर दर्ज की है, जो पिछले वर्ष के 80.04 प्रतिशत की तुलना में करीब 14 प्रतिशत अंकों की उल्लेखनीय बढ़ोतरी है। इस शानदार प्रदर्शन ने पूरे राज्य में उत्साह की लहर पैदा कर दी है।

परीक्षा में भागीदारी और सफलता के आंकड़े

इस वर्ष कुल 7,75,999 नियमित नए छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 7,70,209 छात्र वास्तव में परीक्षा में बैठे। मात्र 5,790 छात्र अनुपस्थित रहे, जिससे उपस्थिति दर 99.2 प्रतिशत रही — जो अपने आप में एक सराहनीय आंकड़ा है।

परीक्षा में शामिल कुल छात्रों में से 7,24,794 छात्र सफल घोषित किए गए। करीब 66.5 प्रतिशत छात्रों ने 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए, जो शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का स्पष्ट संकेत है।

लड़कियों ने फिर लहराया परचम

इस बार भी लड़कियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.18%25 रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 91.94%25 दर्ज किया गया।

परीक्षा में 3,77,922 लड़कियां और 3,46,872 लड़के शामिल हुए थे। लड़कियों की यह बढ़त लगातार कई वर्षों से जारी है, जो राज्य में बालिका शिक्षा की मजबूत होती नींव को दर्शाती है।

ग्रामीण छात्रों और सरकारी स्कूलों का बेहतर प्रदर्शन

ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने 94.80%25 पास दर के साथ शहरी छात्रों (93.2%25) को पीछे छोड़ दिया। यह परिणाम ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की पुष्टि करता है।

सरकारी स्कूलों में भी पास प्रतिशत में 16.8 प्रतिशत अंकों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। इस बार न्यूनतम पासिंग मार्क्स 35%25 से घटाकर 33%25 किए जाने से 1,532 छात्रों को सीधा लाभ मिला।

जिलेवार प्रदर्शन: मंगलुरु शीर्ष पर

मंगलुरु जिला 98.40%25 के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। उडुपी (98.18%25) दूसरे और कारवार (98.08%25) तीसरे स्थान पर रहे।

बेंगलुरु नॉर्थ (95.33%25), बेंगलुरु रूरल (95.83%25) और बेंगलुरु साउथ (91.64%25) का प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा। वहीं, कलबुर्गी जिला 85.06%25 के साथ सूची में सबसे नीचे रहा, जो वहां अतिरिक्त शैक्षणिक ध्यान की जरूरत को रेखांकित करता है।

पूर्णांक पाने वाले मेधावी छात्र और तकनीकी नवाचार

इस वर्ष कई प्रतिभाशाली छात्रों ने 625 में से 625 अंक हासिल कर परीक्षा में शत-प्रतिशत सफलता पाई। इनमें प्रार्थना नागप्पा बिरादार पाटिल (बेलगावी), भरत जी (दावणगेरे), ब्रुंदा एम तापसे (चिक्कमगलुरु), धनुष सुधीर मैसूर (बेंगलुरु), प्रीतम जी पूजारी (उडुपी), सौजन्या बसवराज कंदाकुर (विजयपुरा) और सुखदेव (रायचूर) शामिल हैं।

कॉपी जांच 35 जिलों में 237 केंद्रों पर 16 अप्रैल तक पूरी कर ली गई थी। इस बार परिणाम SMS और WhatsApp के जरिए भेजे गए और पहली बार DigiLocker पर भी मार्क्स कार्ड उपलब्ध कराए गए।

शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अधिकारियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष सभी वर्गों और क्षेत्रों में संतुलित प्रदर्शन शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार का प्रमाण है।

आगे देखें तो कलबुर्गी जैसे पिछड़े जिलों में सुधार के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रमों की घोषणा और SSLC पूरक परीक्षा की तारीखें जल्द सामने आने की उम्मीद है।

Point of View

बल्कि राज्य की शिक्षा नीति में किए गए संरचनात्मक सुधारों की सफलता का प्रमाण है। ग्रामीण छात्रों और सरकारी स्कूलों का बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि समावेशी शिक्षा की दिशा में उठाए गए कदम सही रास्ते पर हैं। हालांकि, कलबुर्गी जैसे जिलों में अभी भी ध्यान देने की जरूरत है ताकि राज्य में शैक्षणिक समानता सुनिश्चित हो सके।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक SSLC परीक्षा 2025 में पास प्रतिशत कितना रहा?
कर्नाटक SSLC परीक्षा-1 2025 में पास दर 94.1 प्रतिशत रही। यह पिछले वर्ष के 80.04%25 की तुलना में करीब 14 प्रतिशत अंकों की बड़ी बढ़ोतरी है।
कर्नाटक SSLC 2025 में लड़कियों और लड़कों का पास प्रतिशत क्या रहा?
लड़कियों का पास प्रतिशत 96.18%25 और लड़कों का 91.94%25 रहा। इस बार भी लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ा।
कर्नाटक SSLC 2025 में कौन सा जिला टॉप पर रहा?
मंगलुरु जिला 98.40%25 पास दर के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। उडुपी (98.18%25) दूसरे और कारवार (98.08%25) तीसरे स्थान पर रहे।
SSLC 2025 में पासिंग मार्क्स में क्या बदलाव किया गया?
राज्य सरकार ने इस वर्ष न्यूनतम पासिंग मार्क्स 35%25 से घटाकर 33%25 कर दिए, जिसका सीधा फायदा 1,532 छात्रों को मिला।
कर्नाटक SSLC 2025 में 625 में से 625 अंक किसने हासिल किए?
इस वर्ष प्रार्थना नागप्पा बिरादार पाटिल, भरत जी, ब्रुंदा एम तापसे, धनुष सुधीर मैसूर, प्रीतम जी पूजारी, सौजन्या बसवराज कंदाकुर और सुखदेव सहित कई छात्रों ने पूर्ण 625 अंक हासिल किए।
Nation Press