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क्या कार्तिक पूर्णिमा पर इन चीजों का दान करने से बरसेगी <b>भगवान विष्णु</b> और <b>मां लक्ष्मी</b> की कृपा?

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क्या कार्तिक पूर्णिमा पर इन चीजों का दान करने से बरसेगी <b>भगवान विष्णु</b> और <b>मां लक्ष्मी</b> की कृपा?

सारांश

कार्तिक पूर्णिमा का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन किए गए दान से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। जानिए क्या-क्या दान करना चाहिए और इसके लाभ।

मुख्य बातें

कार्तिक पूर्णिमा का दिन विशेष दान का दिन है।
अन्न का दान हमेशा फलदायी होता है।
दीपदान से जीवन में अंधकार से मुक्ति मिलती है।
तिल, गुड़ और घी का दान उत्तम स्वास्थ्य लाता है।
सच्चे मन से किया गया दान सर्वोत्तम होता है।

नई दिल्ली, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू धर्म में कई तीज-त्योहार और विशेष अवसरों पर भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन कार्तिक का पूरा महीना बेहद विशेष होता है।

इस महीने को भगवान विष्णु के नाम समर्पित माना जाता है और इस दौरान किया गया स्नान और दान कई गुना फलदायी होता है। बुधवार को कार्तिक माह का अंतिम दिन है और पूर्णिमा के कारण यह दिन धार्मिक और दान के दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी है।

कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान करने से सभी पापों का नाश होता है और धन-धान्य, सुख-संपत्ति और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, इस दिन किस चीज का दान करना चाहिए, यह भी महत्वपूर्ण है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन अन्न का दान विशेष महत्व रखता है। इस दिन गेहूं, चावल, दालें, आटा या चीनी का दान किया जा सकता है। जो व्यक्ति इस दिन अन्न का दान करता है, उसके घर में हमेशा अन्न का भंडार भरा रहता है।

दीपदान करना भी इस दिन शुभ समझा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के पास किसी मंदिर या घाट पर दीप जलाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन के अंधकार से मुक्ति मिलती है।

तिल, गुड़ और घी का दान भी शुभ होता है। इन तीन चीजों का दान करने से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। इसके अलावा, इस दिन कपड़ों का दान करना भी शुभ माना जाता है। गर्म कपड़े या कंबल का दान करना बेहतर होता है, क्योंकि इससे भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी धन की कमी नहीं होने देते।

इसके अतिरिक्त, मीठे व्यंजनों का दान करना या ब्राह्मणों को भोजन कराना भी अच्छा रहता है। हालाँकि, दान करने से पहले कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान करना चाहिए। यदि आप पवित्र नदियों से दूर हैं, तो घर में मौजूद गंगाजल या यमुनाजल को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें। इससे पवित्र नदियों में स्नान करने का पुण्य प्राप्त होता है। इसके बाद सच्चे मन से दान करने का संकल्प लें और पूरी इच्छा से दान करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आत्मिक शुद्धता और सद्भावना का भी प्रतीक है। इस दिन किए गए दान से समाज में सकारात्मकता का संचार होता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्तिक पूर्णिमा को क्या दान करना चाहिए?
इस दिन अन्न, तिल, गुड़, घी, और कपड़ों का दान करना चाहिए।
क्या दीपदान करना आवश्यक है?
हां, दीपदान करने से जीवन में सकारात्मकता और प्रकाश आता है।
क्या स्नान करना जरूरी है?
जी हां, स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
राष्ट्र प्रेस
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