26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या करूर भगदड़ की निष्पक्ष जांच के लिए टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या करूर भगदड़ की निष्पक्ष जांच के लिए टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया?

सारांश

क्या करूर भगदड़ में हुई त्रासदी की न्यायपूर्ण जांच संभव है? टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें मृतकों की संख्या और घायलों की स्थिति पर जोर दिया गया है। जानिए इस मामले में क्या कुछ नया हो रहा है।

मुख्य बातें

करूर भगदड़ में 41 लोगों की जान गई।
टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
मद्रास हाईकोर्ट ने एसआईटी का गठन किया।
आयोजकों को सुरक्षा में असफलता पर फटकार।
सीबीआई जांच की मांग उठी है।

नई दिल्ली/चेन्नई, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने करूर भगदड़ की निष्पक्ष जांच की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस घटना में 41 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

टीवीके ने याचिका दायर करते हुए इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की मांग की है। मद्रास हाईकोर्ट पहले ही विशेष जांच टीम (एसआईटी) से मामले की जांच का आदेश दे चुका है, लेकिन पार्टी ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

इससे पूर्व, एक पीड़ित के परिजनों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

करूर भगदड़ मामले की जांच के लिए मद्रास हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी असरा गर्ग कर रहे हैं। इस टीम में नमक्कल की पुलिस अधीक्षक विमला और सीएससीआईडी पुलिस अधीक्षक श्यामला देवी भी शामिल हैं।

हाईकोर्ट ने विजय की रैली के आयोजकों को जनता और बच्चों की सुरक्षा में असफल रहने और घटना की जिम्मेदारी न लेने के लिए फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा, "चाहे वे नेता हों या पार्टी कार्यकर्ता, इस घटना के बाद, जबकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सभी राजनीतिक दलों ने दुख व्यक्त किया, कार्यक्रम के आयोजक पूरी तरह से पीछे हट गए।"

एसआईटी का गठन करते हुए न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार ने करूर पुलिस को भगदड़ से संबंधित सभी दस्तावेज तुरंत जांच टीम को सौंपने का निर्देश दिया था।

फिलहाल, टीवीके की ओर से यह याचिका उस समय दायर की गई है, जब 10 अक्टूबर को सीबीआई जांच की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई होनी है। पिछले सप्ताह, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने भाजपा नेता उमा आनंदन की ओर से सीबीआई जांच के लिए दायर याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट में निष्पक्ष जांच के लिए याचिका दायर की है।
मद्रास हाईकोर्ट का क्या आदेश था?
मद्रास हाईकोर्ट ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर मामले की जांच का आदेश दिया था।
इस मामले में सीबीआई जांच की मांग क्यों उठी है?
सीबीआई जांच की मांग इसलिए उठाई गई है ताकि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना के आयोजकों को क्या जवाबदेही दी गई है?
हाईकोर्ट ने आयोजकों को जनता और बच्चों की सुरक्षा में असफल रहने पर फटकार लगाई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले