क्या कठुआ पुलिस ने पाकिस्तान में रह रहे 7 आरोपियों की संपत्तियों को अटैच किया?
सारांश
Key Takeaways
- कठुआ पुलिस ने 7 आरोपियों की संपत्तियों को अटैच किया।
- आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।
- यह कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है।
- पुलिस अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
- संपत्तियों की पहचान राजस्व विभाग की सहायता से की गई।
कठुआ, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कठुआ पुलिस ने पाकिस्तान में निवास कर रहे 7 आरोपियों की संपत्तियों को अटैच किया है। इन सभी आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।
जम्मू के विशेष न्यायालय के आदेश के अनुरूप, कठुआ पुलिस ने शुक्रवार को तहसील लोहाई मल्हार, जिला कठुआ के 7 आरोपियों की अचल संपत्तियों को अटैच किया। सभी आरोपी वर्तमान में पाकिस्तान में हैं और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।
कठुआ पुलिस के अनुसार, इस एफआईआर में इन 7 आरोपियों के खिलाफ अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें मोहम्मद आयाज उर्फ अदील अंसारी की 1 कट्ठा जमीन, अब्दुल करीम उर्फ बिट्टा की 12 मरला जमीन, सर्फराज नवाज उर्फ नवाज अहमद की 1 कट्ठा 10 मरला जमीन, और मोहम्मद फारूक उर्फ फारूक अहमद की 1 कट्ठा 5 मरला जमीन को अटैच किया गया है।
इसके अलावा, मोहम्मद हफीज की 2 कट्ठा, गुल मोहम्मद की 15 मरला, और अख्तर अली उर्फ निकल की 3 कट्ठा 13 मरला जमीन को भी पुलिस ने अटैच किया है।
सभी आरोपी अधिसूचना जारी होने के बाद भी फरार रहे। राजस्व विभाग की सहायता से और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात, इन व्यक्तियों की अचल संपत्तियों की पहचान की गई और उन्हें अटैच किया गया।
कुल मिलाकर 10 कट्ठा और 15 मरला जमीन, जिसकी कीमत करोड़ों में है, अटैच की गई। यह कार्रवाई एसएचओ पुलिस स्टेशन मल्हार पीएसआई अरुण शान के नेतृत्व में हुई, और एसपी अपर कठुआ अमीर इकबाल, डिप्टी एसपी पीसी मल्हार सुनील कुमार, और एसएसपी कठुआ मोहीता शर्मा की निगरानी में की गई।
कठुआ पुलिस का कहना है कि अवैध और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। ऐसे अपराधियों की संपत्तियों की पहचान और अटैचमेंट की प्रक्रिया कानून के अनुसार जारी रहेगी।
जम्मू पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। बुधवार को डीपीएल जम्मू में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने वर्ष की समीक्षा प्रस्तुत की।
डीपीएल जम्मू ने कहा कि 2025 में जिले में कुल 4,134 एफआईआर दर्ज हुईं, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम आंकड़ा है। वहीं, 5,122 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें 1,968 पुराने और 3,154 नए मामले शामिल हैं। यह भी पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक निपटारा है।