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क्या राशन पर केंद्र और पंजाब सरकार में टकराव है?

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क्या राशन पर केंद्र और पंजाब सरकार में टकराव है?

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने 55 लाख गरीब पंजाबियों को मिलने वाले मुफ्त राशन को बंद नहीं किया है। जानें इस विवाद की विस्तार से।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 1.41 करोड़ लाभार्थियों में से किसी का नाम नहीं काटा है।
ई-केवाईसी अनिवार्य है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देशित किया है।
पंजाब सरकार को लाभार्थियों की पहचान करनी है।
राशन की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी।
भगवंत मान ने केंद्र से 6 महीने का समय मांगा है।

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा लगाए गए उन आरोपों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि केंद्र सरकार 55 लाख गरीब पंजाबियों को दिए जा रहे मुफ्त राशन को बंद करने जा रही है। प्रल्हाद जोशी ने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र सरकार ने स्वीकृत 1.41 करोड़ लाभार्थियों में से एक भी लाभार्थी को नहीं हटाया है। केवल अनिवार्य ई-केवाईसी का निर्देश दिया गया है।

प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भगवंत मान को तथ्यों को सही तरह से समझने की आवश्यकता है। लाभार्थियों के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी का निर्देश सर्वोच्च न्यायालय ने दिया था। केंद्र सरकार केवल राज्यों से इसे लागू करने के लिए कह रही है। पंजाब सरकार के लिए भी ऐसा करने के लिए कई बार समय सीमा बढ़ाई गई है।"

प्रल्हाद जोशी ने आंकड़ों के साथ बताया कि एनएफएसए 2013 के तहत पंजाब में 1.41 करोड़ लाभार्थी हैं। केंद्र सरकार ने स्वीकृत 1.41 करोड़ लाभार्थियों में से एक भी लाभार्थी को नहीं हटाया है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "बहिष्करण और समावेशन मानदंडों के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। केंद्र सरकार ने केवल पंजाब सरकार की ओर से निर्धारित समावेशन मानदंडों के आधार पर लाभार्थियों का फिर से सत्यापन करने के लिए कहा है। इस प्रकार, पात्र लाभार्थी जो इस योजना का हिस्सा नहीं थे, (यदि कोई हो) को जोड़ा जा सकता है।"

केंद्रीय मंत्री ने दोहराते हुए कहा कि पंजाब के 1.41 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न मिलेगा। इस संख्या में कोई कमी नहीं आएगी।

भगवंत मान पर पलटवार करते हुए प्रल्हाद जोशी ने कहा, "पंजाब सरकार को केंद्र सरकार पर सवाल उठाने के बजाय केंद्र सरकार के इस प्रयास का समर्थन करना चाहिए कि कोई भी गरीब इस योजना से वंचित न रहे। ऐसे लाभार्थियों की पहचान करने के बजाय भगवंत मान इन अवैध लाभार्थियों को शामिल करने के लिए लॉबियों के दबाव में झुक रहे हैं।"

इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भाजपा की केंद्र सरकार पंजाब के कुल 1.53 करोड़ राशन कार्डों में से 55 लाख गरीब पंजाबियों को मिलने वाला मुफ्त राशन बंद करने जा रही है। केवाईसी न होने के कारण 23 लाख गरीबों का राशन जुलाई से ही बंद कर दिया गया। अब 32 लाख और लोगों का राशन 30 सितंबर के बाद बंद करने की धमकी दी गई है।"

भगवंत मान ने आगे लिखा, "मैंने केंद्र को चिट्ठी लिखकर 6 महीने का समय मांगा है। मेरी टीम के लोग खुद घर-घर जाकर हर गरीब का ई-केवाईसी कराएंगे। मैं पंजाबियों को ये भरोसा दिलाता हूं कि जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, भाजपा को एक भी राशन कार्ड नहीं काटने दूंगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह विवाद केंद्र और राज्य के बीच के संबंधों को उजागर करता है। दोनों सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि गरीबों को कोई परेशानी न हो। ये मुद्दे राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या केंद्र सरकार राशन बंद कर रही है?
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने किसी भी लाभार्थी का नाम नहीं काटा है।
ई-केवाईसी का क्या महत्व है?
ई-केवाईसी का उद्देश्य लाभार्थियों की पहचान करना और उन्हें राशन सुविधा का लाभ पहुंचाना है।
भगवंत मान ने क्या आरोप लगाए हैं?
भगवंत मान ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार 55 लाख गरीबों का राशन बंद करने जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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