सोनम वांगचुक पर लगे एनएसए को केंद्र सरकार ने किया समाप्त, भाजपा सांसद ने की प्रशंसा

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सोनम वांगचुक पर लगे एनएसए को केंद्र सरकार ने किया समाप्त, भाजपा सांसद ने की प्रशंसा

सारांश

केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम को समाप्त कर दिया है। भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत किया, जो आम जनता की मांग के अनुरूप है। यह कदम लद्दाख के हालात के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत हिरासत समाप्त हुई।
  • भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत किया।
  • लद्दाख में शांति और स्थिरता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ लागू राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) को केंद्र सरकार ने समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब, 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिए जाने के बाद, उन्हें रिहा किया जाएगा। इस निर्णय का स्वागत भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने किया है।

भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि सोनम वांगचुक के खिलाफ एनएसए को रद्द करना केंद्र सरकार का एक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा, "मैं केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय का आभार व्यक्त करता हूं। जनता की मांग थी कि उनकी (सोनम वांगचुक) तुरंत रिहाई हो।"

ज्ञात हो कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के लिए 24 सितंबर 2025 को लेह में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी। इस दौरान चार लोगों की जान चली गई और लगभग 90 लोग घायल हुए थे। इसी के बाद सोनम वांगचुक को एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था।

सोनम वांगचुक ने एनएसए के तहत अपनी हिरासत का लगभग आधा समय जेल में बिताया है। उन्हें 26 सितंबर को गिरफ्तार करने के तुरन्त बाद 27 सितंबर को सुरक्षा कारणों से जोधपुर केंद्रीय जेल में स्थानांतरित किया गया।

उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने 3 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर कर उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी। 10 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और लद्दाख प्रशासन से जवाब मांगा और नोटिस जारी किया। इसके बाद 16 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट मांगी और हिरासत के आधार बने वीडियो और दस्तावेजों पर सवाल उठाए। फरवरी और मार्च में इस मामले की सुनवाई 24 से अधिक बार हुई। अंततः 14 मार्च 2026 को सरकार ने वांगचुक पर लगे एनएसए को हटा दिया।

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, सरकार का उद्देश्य लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाना है ताकि सभी हितधारकों के साथ संवाद को सुगम बनाया जा सके। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उचित विचार-विमर्श के बाद सरकार ने एनएसए के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है।

Point of View

बल्कि यह लद्दाख की स्थिरता और शांति बनाए रखने के प्रयास का भी हिस्सा है। भाजपा सांसद द्वारा इसका स्वागत करना दर्शाता है कि राजनीतिक समर्थन इस दिशा में बढ़ रहा है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

सोनम वांगचुक को क्यों गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें 24 सितंबर 2025 को लद्दाख में विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जिसमें हिंसा हुई थी।
केंद्र सरकार ने एनएसए को क्यों समाप्त किया?
सरकार का उद्देश्य लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखना है, इसलिए एनएसए को समाप्त किया गया।
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