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क्या केंद्रीय सूचना मंत्रालय ने टीवी चैनलों को चेतावनी दी है, संवेदनशील सामग्री से बचने की सलाह?

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क्या केंद्रीय सूचना मंत्रालय ने टीवी चैनलों को चेतावनी दी है, संवेदनशील सामग्री से बचने की सलाह?

सारांश

केंद्रीय सूचना मंत्रालय ने निजी उपग्रह टीवी चैनलों को महत्वपूर्ण चेतावनी दी है, जिसमें उन्हें हिंसा भड़काने वाली सामग्री से बचने की सलाह दी गई है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। जानें, इसके पीछे की वजहें और चैनलों के लिए क्या दिशा-निर्देश हैं।

मुख्य बातें

हिंसा भड़काने वाली सामग्री का प्रसारण नहीं करना चाहिए।
सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा आवश्यक है।
चैनलों को कार्यक्रम संहिता का पालन करना अनिवार्य है।

नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में निजी उपग्रह टीवी चैनलों को एक परामर्श जारी किया है, जिसमें उन्हें हिंसा भड़काने वाली सामग्री के प्रसारण से बचने की सलाह दी गई है।

मंत्रालय ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि चैनल्स को ऐसी सामग्री प्रसारित करने में सतर्कता बरतनी चाहिए जो सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित कर सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती है। यह परामर्श विशेष रूप से हाल की घटनाओं से संबंधित संवेदनशील सामग्री के प्रसारण के संदर्भ में जारी किया गया है।

मंत्रालय के मुताबिक, कुछ समाचार चैनलों ने लाल किला विस्फोटों से जुड़ी सामग्री का प्रसारण किया है, जिसमें कथित आरोपियों के हिंसक कृत्यों को उचित ठहराया गया है और विस्फोटक सामग्री बनाने की जानकारी भी दी जा रही है। ऐसे प्रसारण से हिंसा को बढ़ावा मिल सकता है, जो समाज में और अधिक अशांति फैला सकता है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी निजी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता का पालन करना अनिवार्य है। चैनलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्रसारण में अश्लीलता, मानहानि, हिंसा या राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्तियां न हों। मंत्रालय ने विशेष रूप से चैनलों को चेतावनी दी कि वे किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री का प्रसारण न करें।

इस परामर्श में कहा गया है कि चैनल्स को उच्चतम स्तर की संवेदनशीलता और विवेक का पालन करना चाहिए ताकि ऐसी सामग्री न दिखायी जाए जो समाज में घृणा या भय का माहौल बना सके। यह कदम मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से उठाया गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए यह आवश्यक है।

यह परामर्श उन चैनल्स के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश है जो समाचार और घटनाओं की रिपोर्टिंग करते समय अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उसे सटीक और संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों मंत्रालय ने टीवी चैनलों को चेतावनी दी?
मंत्रालय ने चैनलों को हिंसा भड़काने वाली सामग्री से बचने की सलाह दी है, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में न डाला जा सके।
क्या चैनलों को कुछ नियमों का पालन करना होगा?
हाँ, सभी निजी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता का पालन करना अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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