क्या केरल में सीपीएम नेता ने निर्दलीय उम्मीदवार को जान से मारने की धमकी दी?

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क्या केरल में सीपीएम नेता ने निर्दलीय उम्मीदवार को जान से मारने की धमकी दी?

सारांश

केरल के अट्टापडी में एक निर्दलीय उम्मीदवार को सीपीएम नेता द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। रामाकृष्णन ने ऑडियो क्लिप जारी कर इस धमकी का सबूत पेश किया। क्या यह मामला पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाएगा? जानिए इस विवाद के बारे में।

Key Takeaways

  • निर्दलीय उम्मीदवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
  • सीपीएम पर गंभीर आरोप लगे हैं।
  • आडियो क्लिप को सबूत के रूप में पेश किया गया।
  • रामाकृष्णन ने चुनाव जारी रखने का इरादा जताया।
  • पार्टी ने आरोपों की जांच का आश्वासन दिया।

तिरुवनंतपुरम, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल के अट्टापडी में एक निर्दलीय उम्मीदवार को स्थानीय निकाय चुनाव में खड़े होने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस पर आरोप सीपीएम नेता पर लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें चुनाव से नाम वापस न लेने के परिणामस्वरूप जान से मारने की धमकी दी गई।

उम्मीदवार वीआर रामाकृष्णन ने अपनी शिकायत के समर्थन में एक ऑडियो क्लिप जारी की है। रामाकृष्णन वॉर्ड नंबर 18 से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धमकी शनिवार को नॉमिनेशन पेपर की स्वीकृति के कुछ ही घंटे बाद मिली।

हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता की पुष्टि नहीं हुई है।

चार दशकों से अधिक समय तक सीपीएम के सदस्य रहे रामाकृष्णन ने दावा किया कि 'स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के गहरे जड़ों' का पता लगते ही उन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।

ऑडियो क्लिप में, कथित तौर पर सीपीएम के स्थानीय समिति सचिव जमशीर की आवाज बताई जा रही है। जमशीर, रामाकृष्णन को पहले मनाते और फिर धमकाते हुए सुने जा सकते हैं। आवाज में चेतावनी है कि यदि वह अपनी उम्मीदवारी पर अड़े रहे तो पार्टी उन्हें "मारने पर मजबूर" हो जाएगी।

एक बिंदु पर, रामाकृष्णन को अपनी मांग को सख्ती से नकारते और कॉल करने वाले को धमकियों पर कार्रवाई की चुनौती देते हुए सुना जा सकता है। मीडिया से बात करते हुए, रामाकृष्णन ने कहा कि दबाव के बावजूद उनका हटने का कोई इरादा नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि वह कानूनी कार्रवाई करने और अधिकारियों को ऑडियो क्लिप सौंपने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा, "यह मुझे चुप कराने की कोशिश है क्योंकि मैंने भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। मैं पीछे नहीं हटूंगा।"

इस विवाद पर पलक्कड़ के सीपीएम नेतृत्व ने अपनी बात रखी।

जिला सचिव ई.एन. सुरेश बाबू ने इस घटना की निंदा की और पार्टी सदस्यों को चुनाव के दौरान संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी बर्ताव के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी रामाकृष्णन के आरोपों की गंभीरता से जांच करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो उचित कार्रवाई करेगी। हालांकि, उन्होंने चुनावी अभियान के दौरान "एलडीएफ पर बिना सत्यता जांचे आरोपों से निशाना साधने" के लिए मीडिया के कुछ हिस्सों की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा, "हम गलत कामों का बचाव नहीं करेंगे, लेकिन हम मीडिया ट्रायल की भी इजाजत नहीं देंगे।"

सीपीएम पहले से ही जिले के कुछ हिस्सों में नाराजगी का सामना कर रही है। रविवार को, पार्टी ने ओ.ई. अब्बास को पल्लारीमंगलम स्थानीय समिति से निकाल दिया, क्योंकि उन्होंने पार्टी टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। अब्बास ने बार-बार चेतावनी के बावजूद अपना पेपर फाइल किया, जो कि जमीनी स्तर पर बढ़ते गुस्से को दर्शाता है।

जैसे-जैसे स्थानीय निकाय चुनाव का दिन नजदीक आ रहा है, पार्टी में बगावत, अनुशासनहीनता और गुटबाजी की खबरें आने लगी हैं।

Point of View

एक निर्दलीय उम्मीदवार की शिकायत और सीपीएम के नेताओं की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि स्थानीय राजनीति में दबाव और धमकियों का एक गहरा जाल होता है। यह स्थिति केवल केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाती है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

क्या सीपीएम नेता पर सच में आरोप हैं?
हाँ, रामाकृष्णन का आरोप है कि उन्हें चुनाव से हटने के लिए धमकी दी गई है।
रामाकृष्णन ने किस प्रकार का सबूत पेश किया?
उन्होंने एक ऑडियो क्लिप जारी की है जिसमें धमकी की आवाज सुनाई दे रही है।
सीपीएम ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
सीपीएम ने आरोपों की गंभीरता से जांच का आश्वासन दिया है।
क्या रामाकृष्णन चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं?
हाँ, उन्होंने कहा है कि वह चुनाव नहीं छोड़ेंगे।
यह मामला केरल की राजनीति पर कैसे असर डालेगा?
यह मामला सीपीएम की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है और राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है।
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