क्या केरल के पूर्व मंत्री एंटनी राजू सबूत से छेड़छाड़ मामले में दोषी करार दिए गए?
सारांश
Key Takeaways
- एंटनी राजू को साक्ष्य में छेड़छाड़ के लिए दोषी ठहराया गया।
- उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित किया गया।
- कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई।
- यह मामला 1990 का है।
- यह निर्णय नेडुमंगड़ न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाया गया।
तिरुवनंतपुरम, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल के पूर्व मंत्री एंटनी राजू को साक्ष्य में छेड़छाड़ के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद विधायक पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह ऐतिहासिक फ़ैसला नेडुमंगड़ न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाया गया।
राजू, जो तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र से एलडीएफ विधायक थे, उच्चतम न्यायालय के पूर्व में स्थापित सिद्धांतों के अनुसार तुरंत अयोग्य हो गए हैं। इसके साथ ही, 3 जनवरी 2026 से तिरुवनंतपुरम विधानसभा सीट भी रिक्त हो गई है।
कोर्ट ने राजू को तीन साल की सजा सुनाई, जिसमें साक्ष्य नष्ट करने और झूठे साक्ष्य तैयार करने का मामला शामिल है। उन्हें अपराध साजिश के लिए छह महीने की जेल, साक्ष्य नष्ट करने के लिए तीन साल की कठोर कारावास और 10,000 रुपयेतीन साल की सजा दी गई। इसके अलावा, फॉर्जरी से संबंधित आरोप में उन्हें दो साल की सजा भी सुनाई गई।
यह मामला 1990 का है जब एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक एंड्रयू साल्वाटोर सेरवेली को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर 61.5 ग्राम मादक पदार्थ अपने अंडरवियर में छिपाकर ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय राजू, सेरवेली के वकील थे। हालाँकि, बाद में उच्च न्यायालय ने इस साक्ष्य को सही न मानते हुए सेरवेली को बरी कर दिया।
वर्षों बाद, ऑस्ट्रेलियाई नेशनल सेंट्रल ब्यूरो से मिली जानकारी के आधार पर जांच अधिकारी ने उच्च न्यायालय में साक्ष्य में छेड़छाड़ की जांच के लिए याचिका दायर की, जिसके परिणामस्वरूप अंततः राजू की सजा हुई।
कोर्ट परिसर के बाहर स्थिति तनावपूर्ण रही, जहां बड़ी संख्या में लोग फैसले को सुनने के लिए एकत्रित हुए। कांग्रेस-नेतृत्व वाले यूडीएफ समर्थकों ने राजू के बाहर निकलने पर नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गाड़ी तक पहुँचाया।