10 अगस्त 2026
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क्या केरल में ईडी की कार्रवाई से धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी? 20.4 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क

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क्या केरल में ईडी की कार्रवाई से धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी? 20.4 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क

सारांश

केरल में प्रवर्तन निदेशालय ने धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.4 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की हैं। क्या यह कार्रवाई अन्य धोखाधड़ी मामलों के खिलाफ एक सख्त संदेश बनेगी? जानें पूरी खबर में।

मुख्य बातें

ईडी की कार्रवाई धोखाधड़ी के मामलों में सख्ती का संकेत है।
कुर्क की गई संपत्तियां 20.4 करोड़ रुपए की हैं।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की गई।
70 से अधिक एफआईआर दर्ज किए गए हैं।

कोझीकोड, 7 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। धोखाधड़ी के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने थुंचाथ ज्वेलर्स और उनके सहयोगियों की लगभग 20.4 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। कोझीकोड के उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की।

ईडी के एक बयान में कहा गया है कि कुर्क की गई संपत्तियों में आरोपी व्यक्तियों की केरल और कर्नाटक राज्यों में स्थित कई अचल संपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां कथित रूप से निवेशकों से धोखाधड़ी कर प्राप्त धन से खरीदी गई थीं।

जांच में यह पता चला कि थुंचाथ ज्वेलर्स, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, कोचीन में पंजीकृत कंपनी अकम्प्लीश मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की एक इकाई थी। इस कंपनी ने 2012 में केरल के तिरूर में अपना कारोबार शुरू किया था। कंपनी में 15 निदेशक थे और प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में एम. जयचंद्रन कार्यरत थे।

थुंचाथ ज्वेलर्स ने शुरू में कई मासिक निवेश योजनाएं चलाईं और लोगों से बड़ी मात्रा में निवेश जुटाया, लेकिन 2017 में कंपनी के एमडी जयचंद्रन और अन्य सहयोगियों ने निवेशकों के पैसों की हेराफेरी की और फरार हो गए। इसके बाद ठगे गए निवेशकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके अंतर्गत लगभग 70 एफआईआर दर्ज की गईं।

ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत जांच के दौरान आरोपियों और शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए और संबंधित एफआईआर और आरोपपत्रों की समीक्षा की। इस दौरान यह पाया गया कि आरोपियों ने निवेशकों की राशि को धोखाधड़ी से कई कंपनियों के माध्यम से स्थानांतरित किया और उसे अचल संपत्तियों में निवेश कर धन शोधन किया।

जांच में खुलासा हुआ कि एम. जयचंद्रन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धन को छिपाने के लिए कई अन्य कंपनियां बनाई, जिनमें थुंचाथ गोल्ड एलएलपी, अकम्प्लीश गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, थुंचाथ टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड, और थुंचाथ चिट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने कितनी संपत्तियां कुर्क की हैं?
ईडी ने लगभग 20.4 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां कुर्क की हैं।
यह कार्रवाई किस अधिनियम के तहत की गई है?
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है।
थुंचाथ ज्वेलर्स के एमडी कौन हैं?
थुंचाथ ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक (एमडी) का नाम एम. जयचंद्रन है।
क्या यह मामला केवल केरल में है?
जी हां, यह मामला मुख्यतः केरल में ही है, हालांकि कुछ संपत्तियां कर्नाटक में भी हैं।
कितने एफआईआर दर्ज की गई हैं?
लगभग 70 एफआईआर इस मामले में दर्ज की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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