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क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में बड़ी साजिश के साक्ष्य हैं? केरल हाईकोर्ट ने एसआईटी को जांच का निर्देश दिया

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क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में बड़ी साजिश के साक्ष्य हैं? केरल हाईकोर्ट ने एसआईटी को जांच का निर्देश दिया

सारांश

केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में साक्ष्यों का हवाला देते हुए एक बड़ी साजिश का संकेत दिया है। न्यायालय ने एसआईटी को मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है। क्या यह मामला और भी गहरा है? जानें अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

मुख्य बातें

केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में बड़ी साजिश के संकेत दिए हैं।
एसआईटी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को गिरफ्तार किया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी।
आरोपियों की पहचान के लिए रंगी हुई प्रतिकृतियों का उपयोग किया गया।

कोच्चि, 21 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में साक्ष्यों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश का हाथ है। न्यायालय ने एसआईटी को इसकी गहन जांच करने का आदेश दिया है।

उच्च न्यायालय ने इस महीने की शुरुआत में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था और जांच पूरी करने के लिए छह सप्ताह का समय निर्धारित किया। साथ ही, इसे न्यायालय को जांच की प्रगति से अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया था।

मंगलवार को एसआईटी प्रमुख ने अदालत में बंद कमरे में पेश होकर जांच की प्रगति के बारे में जानकारी दी।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सोने की चोरी के पीछे वास्तव में एक सुनियोजित साजिश थी।

ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायालय ने इस निष्कर्ष के बावजूद जांच की गति पर सवाल उठाया है।

एसआईटी ने पुष्टि की है कि सबरीमाला में सोने की चोरी योजना के अनुसार की गई थी।

मामले की अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी।

एसआईटी ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं और 10 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें मुख्य आरोपी प्रायोजक उन्नीकृष्णन पोट्टी शामिल है।

उच्च न्यायालय को सौंपी गई जांच प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे में आए सोने की चोरी की योजना सावधानीपूर्वक बनाई गई थी, जिसमें विजय माल्या द्वारा 1998 में प्रदान की गई द्वारपालक मूर्तियों का भी जिक्र है।

आरोपियों का मानना था कि सोने की जगह रंगी हुई प्रतिकृतियां लगाने से उनकी पहचान नहीं हो सकेगी।

एसआईटी ने अदालत को बताया कि पोट्टी को गिरफ्तार किया गया है और आगे भी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।

इस बीच, पोट्टी के मित्र अनंत सुब्रमण्यम से 10 घंटे से अधिक पूछताछ के बाद उन्हें सोमवार देर रात छोड़ दिया गया और नोटिस भी दिया गया है कि यदि आवश्यक हो तो उन्हें फिर से पेश होना होगा।

2019 में, सुब्रमण्यम ने कथित तौर पर सोने से मढ़ी द्वारपालक मूर्तियों को सबरीमाला से बेंगलुरु भेजा था। जांचकर्ता नागेश और कल्पेश सहित अन्य संदिग्धों को भी मामले में आरोपी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

एसआईटी अब उन दो अधिकारियों को तलब करने की योजना बना रही है, जिन्हें आरोपियों की सूची में आने के बाद निलंबित कर दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

केरल उच्च न्यायालय ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सबरीमाला सोना चोरी के पीछे एक बड़ी साजिश है। यह न्यायालय की भूमिका को दर्शाता है कि वह किसी भी प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ सख्त है। यह महत्वपूर्ण है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना चोरी मामला क्या है?
यह मामला 2019 में सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी से संबंधित है, जिसमें आरोपियों ने सोने की मूर्तियों की चोरी की योजना बनाई थी।
केरल उच्च न्यायालय ने क्या निर्देश दिया है?
केरल उच्च न्यायालय ने एसआईटी को मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है।
इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी प्रायोजक उन्नीकृष्णन पोट्टी है।
क्या और गिरफ्तारियां होने की संभावना है?
हां, एसआईटी ने कहा है कि आगे भी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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