क्या केरल सरकार वीडी सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच कराएगी?

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क्या केरल सरकार वीडी सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच कराएगी?

सारांश

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश पर सरकार ने कदम उठाए हैं। यह विवादित मामला विदेशी फंड के उपयोग से जुड़ा है। क्या यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है? जानिए इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • केरल सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
  • वीडी सतीशन के खिलाफ आरोप विदेशी फंड के उपयोग से जुड़े हैं।
  • विपक्ष ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
  • जांच का निर्णय विधानसभा चुनाव से पहले आया है।
  • पिछली शिकायतें 2020 से हैं, लेकिन जांच 2023 में शुरू हुई।

तिरुवनंतपुरम, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लगभग एक वर्ष बाद, केरल सरकार ने विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब राज्य अगले विधानसभा चुनावों के करीब पहुँच रहा है, जिससे राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।

यह सिफारिश 2018 की विनाशकारी बाढ़ के बाद उनके परवूर विधानसभा क्षेत्र में लागू किए गए ‘पुनर्जनी’ पुनर्वास प्रोजेक्ट के लिए विदेशी फंड जुटाने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।

विजिलेंस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि हालांकि केस दर्ज करने के लिए पहली नजर में कोई मामला नहीं बनता है, लेकिन विदेशी फंड जुटाने और उसके उपयोग की जांच सीबीआई कर सकती है।

इस मामले में विजिलेंस जांच की औपचारिक घोषणा जून 2023 में की गई थी, जब सरकार द्वारा आयोजित लोक केरल सभा की एक क्षेत्रीय बैठक से संबंधित फंड जुटाने की गतिविधियों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की विदेश यात्रा पर जाने से कुछ ही दिन पहले जांच को मंजूरी दी गई थी। आरोप विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के संभावित उल्लंघन और बिना इजाजत के विदेशों से फंड जुटाने पर केंद्रित थे।

हालांकि विजिलेंस ब्यूरो अपनी प्रारंभिक जांच में कोई ठोस गड़बड़ी नहीं पकड़ पाया, लेकिन तत्कालीन विजिलेंस डायरेक्टर योगेश गुप्ता ने एक रिपोर्ट में सिफारिश की कि सीबीआई इस बात की जांच कर सकती है कि इकट्ठा किए गए विदेशी फंड का गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विजिलेंस केस आगे बढ़ाने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन विदेशी लेन-देन की जांच के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी की आवश्यकता पर जोर दिया।

रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया कि यह जांच की जाए कि क्या सतीशन ने आवश्यक इजाजत के बिना विदेश यात्रा की थी।

इस समय की स्थिति के कारण विपक्ष ने आलोचना की है, जो इस कदम को राजनीतिक मकसद से प्रेरित मानता है, क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं।

याद दिला दें कि सतीशन के खिलाफ पहली शिकायत 2020 में मिली थी, हालाँकि औपचारिक विजिलेंस जांच 2023 में ही शुरू हुई। पहली पिनाराई विजयन सरकार के आखिरी दौर में, जब यह मुद्दा विधानसभा में उठाया गया था, तो सतीशन ने सरकार को विजिलेंस जांच का आदेश देने की सार्वजनिक रूप से चुनौती दी थी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक मामलों में उठाए गए कदम हमेशा से विवादास्पद होते हैं। केरल में सीबीआई जांच की सिफारिश ने एक नई बहस को जन्म दिया है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध मान रहा है, जबकि सरकार अपने कदम को उचित ठहराने का प्रयास कर रही है। ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इस प्रकार के मुद्दे केवल राजनीतिक खेल का हिस्सा प्रतीत होते हैं।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या सीबीआई जांच का मतलब है कि सतीशन पर आरोप साबित हो गए हैं?
नहीं, सीबीआई जांच का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो चुके हैं। यह केवल जांच की प्रक्रिया है।
क्या यह केवल राजनीतिक प्रतिशोध है?
विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध मानता है, लेकिन सरकार इसे उचित प्रक्रिया के रूप में देख रही है।
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