केरल विधानसभा चुनाव 2026: चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई जानकारियाँ

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केरल विधानसभा चुनाव 2026: चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई जानकारियाँ

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने कोच्चि में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कई युवा मतदाताओं को सम्मानित किया गया और आगामी चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा की गई। जानें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ खास।

Key Takeaways

  • केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों पर चर्चा हुई।
  • युवाओं और प्रेरणादायक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
  • मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था।
  • दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा।
  • ईसीआईनेट ऐप के जरिए मतदाता जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

तिरुवनंतपुरम, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों पर चर्चा के लिए कोच्चि में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुकबीर सिंह संधू, और डॉ. विवेक जोशी सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले आयोग ने पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं और समाज के प्रेरणादायक व्यक्तियों को सम्मानित किया।

इस समारोह में अमृता, यानल सुलेमान और फेनल सारा जेफरसन जैसे युवा मतदाताओं को सम्मानित किया गया। अमृता सेंट पॉल्स कॉलेज में बीकॉम इन कोऑपरेशन की पढ़ाई कर रही हैं, यानल सुलेमान बीकॉम इन लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट में और फेनल सारा जेफरसन बी वोक इन मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक सिस्टम्स एंड वेलफेयर की शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।

इसके अतिरिक्त, 96 वर्षीय पीबी विशलम को भी सम्मानित किया गया, जो 1956 में सरकारी दाई के रूप में सेवा शुरू करने के बाद आज भी एक सक्रिय मतदाता हैं। दिव्यांग अधिकारों के लिए काम करने वाले राजीव पलारोथी को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों में आयोग ने केरल की सभी राजनीतिक पार्टियों और राज्य की चुनाव मशीनरी के साथ विस्तृत बैठकें कीं। इसमें मुख्य सचिव, डीजीपी, पुलिस और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने युवाओं, स्विप आइकॉन और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, ताकि आगामी चुनाव में अधिक से अधिक लोग मतदान में भाग लें। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और चुनाव अधिकारियों की मेहनत की सराहना की, जिन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि केरल में लोकतंत्र की परंपरा बहुत पुरानी है। यहां एक हजार साल पहले 'नट्टाकूट्टम' जैसी संस्थाएं सामूहिक निर्णय की परंपरा को आगे बढ़ा चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि 1960 में केरल ने पहला आचार संहिता लागू किया था, जिसे बाद में चुनाव आयोग ने पूरे देश में अपनाया और आज इसे मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट कहा जाता है।

1982 में परावूर विधानसभा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का पहला पायलट प्रयोग भी केरल में ही किया गया था।

आगामी चुनाव के लिए केरल में कुल 140 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 124 सामान्य सीटें, 14 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त होगा।

चुनाव आयोग के अनुसार केरल में कुल 2,69,53,644 मतदाता हैं। यह संख्या ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे और कोस्टा रिका की कुल जनसंख्या से भी अधिक बताई गई है।

राज्य में 30,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें इस बार 5,000 नए मतदान केंद्र जोड़े गए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी बूथ पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इसके अलावा, 397 महिला संचालित मतदान केंद्र और 790 से अधिक मॉडल मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

केरल में लगभग 2.43 लाख दिव्यांग मतदाता हैं और 2 लाख से अधिक मतदाता 85 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। आयोग ने बताया कि यदि ये मतदाता चाहें तो उन्हें घर से मतदान (होम वोटिंग) की सुविधा दी जाएगी। राज्य में 1,571 मतदाता ऐसे भी हैं जिनकी उम्र 100 साल से ज्यादा है।

आयोग ने बताया कि राज्य में 18-19 वर्ष के 4.24 लाख नए मतदाता हैं, जबकि 20 से 29 वर्ष के करीब 45 लाख मतदाता हैं। युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए कॉलेजों में विशेष अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

मतदान केंद्रों को सुविधाजनक बनाने के लिए कई व्यवस्थाएं की जाएंगी। सभी केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर, रैंप, व्हीलचेयर, स्वयंसेवक, पीने का पानी, शौचालय, साइन बोर्ड, हेल्प डेस्क, और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के साथ बनाए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने बताया कि पहले चुनाव से जुड़ी 40 अलग-अलग ऐप्स थीं, जिन्हें अब मिलाकर ईसीआईनेट नाम का एक ही प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इस ऐप के जरिए मतदाता उम्मीदवारों की जानकारी, मतदान प्रतिशत, परिणाम और अन्य जरूरी जानकारी अपने मोबाइल पर देख सकेंगे।

इसके अलावा पहली बार केरल में ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें भी दिखाई जाएंगी, जिससे मतदाताओं को पहचानने में आसानी होगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्र के बाहर मोबाइल जमा करने की व्यवस्था भी होगी, ताकि लोग अपना फोन गेट तक लेकर आ सकें।

चुनाव आयोग ने कहा कि हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी और मतदान प्रतिशत का डेटा हर दो घंटे में अपडेट किया जाएगा। इसके अलावा पोस्टल बैलेट की गिनती ईवीएम से दो राउंड पहले की जाएगी। अगर फॉर्म 17सी और ईवीएम के आंकड़ों में अंतर पाया जाता है तो वीवीपीएटी की अनिवार्य गिनती होगी।

चुनाव के दौरान आयकर, कस्टम, आबकारी, वन विभाग समेत 24 प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय रहेंगी, ताकि नकदी, शराब, नशीले पदार्थ या किसी भी तरह के प्रलोभन को रोका जा सके।

चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और गलत जानकारी पर सख्त नजर रखी जाएगी। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी ताकि लोग शिकायत दर्ज करा सकें।

Point of View

NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

केरल विधानसभा चुनाव 2026 कब होंगे?
केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त होगा, और चुनाव उसी समय आयोजित किए जाएंगे।
क्या नए मतदाताओं को सम्मानित किया गया?
हाँ, चुनाव आयोग ने पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं को सम्मानित किया।
मतदान केंद्रों पर क्या विशेष व्यवस्था की गई है?
सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग और सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
क्या दिव्यांग मतदाताओं के लिए कोई विशेष प्रावधान है?
जी हाँ, दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान करने की सुविधा दी जाएगी।
चुनाव आयोग ने किस तरह की तकनीकी सुविधाएँ प्रदान की हैं?
चुनाव आयोग ने ईसीआईनेट ऐप का निर्माण किया है, जिससे मतदाता सभी जरूरी जानकारी अपने मोबाइल पर देख सकेंगे।
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