कोच्चि सिनेगॉग आगजनी: विदेशी आतंकी लिंक और क्रिप्टो पेमेंट की जांच, एबिन पॉल गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोच्चि के एर्नाकुलम में कादवुंभागम यहूदी सिनेगॉग के पास 12 अक्टूबर 2026 को हुई आगजनी की घटना की जांच अब अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश के एंगल से की जा रही है। केंद्रीय एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह घटना किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी, जिसमें विदेशी लिंक और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान शामिल हो सकता है।
गिरफ्तारी और प्रारंभिक घटनाक्रम
पुथेनक्रूज निवासी 32 वर्षीय एबिन पॉल को घटना के कुछ घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि वह 12 अक्टूबर की सुबह करीब 2.30 बजे एक नीली कार में एर्नाकुलम मार्केट स्थित ब्लॉसम नर्सरी पहुँचा, जो कादवुंभागम सिनेगॉग के निकट है। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसने परिसर में पेट्रोल डालकर आग लगाई और भागने से पहले इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया।
कोच्चि सिटी पुलिस ने जांच में पाया कि बाजार की अधिकांश दुकानों के सीसीटीवी कैमरे उस रात काम नहीं कर रहे थे, जिससे शुरुआत में जांच में कठिनाई आई। इसके बावजूद, जांचकर्ताओं ने उपलब्ध फुटेज और आसपास के इलाकों की निगरानी सामग्री की जांच की और करीब 150 लोगों से जानकारी जुटाई।
डिजिटल साक्ष्य और विदेशी लिंक
पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध मैसेज और विदेशी लिंक वाले संपर्कों के साथ हुई बातचीत मिली है। प्रारंभिक जांच से कथित तौर पर पता चलता है कि उसे किसी बॉस के निर्देश पर काम करने, तय लक्ष्यों पर हमले करने और बदले में वीडियो फुटेज भेजने को कहा गया था।
फोन में यहूदी पूजा स्थलों और भारत के अलग-अलग शहरों में संभावित हमलों का उल्लेख करने वाले संदेश भी पाए गए हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान किया गया हो सकता है — हालाँकि इसकी पुष्टि अभी की जा रही है।
केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका
विदेशी लिंक की जानकारी सामने आने के बाद केंद्रीय एजेंसियाँ अब इस मामले की जांच में शामिल हो गई हैं। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह घटना किसी बड़ी, संगठित साजिश का हिस्सा थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस आरोपी के संदेशों, वित्तीय लेनदेन और संभावित संपर्कों की गहन जांच कर रही है। साइबर विंग की मदद से ही नीली कार का पता लगाया गया था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था। यह सुराग अंततः जांचकर्ताओं को पुथेनक्रूज के एक किराए के घर तक ले गया, जहाँ एबिन पॉल को पकड़ा गया।
पूर्व आपराधिक संलिप्तता
जांचकर्ताओं ने आरोपी को मुवत्तुपुझा में एक यूज्ड कार शोरूम में पहले हुई आगजनी की घटना से भी जोड़ा है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर उस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
इसके अतिरिक्त, उसके डिजिटल उपकरणों से मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े संदिग्ध संवाद भी बरामद हुए हैं। यह जानकारी आगे की जांच के लिए एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस को सौंप दी गई है। आरोपी की मानसिक स्थिति की भी अलग से जांच की जा रही है।
आगे की जांच की दिशा
अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क और साजिश का दायरा समझने के लिए संदेशों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की व्यापक पड़ताल जारी है। यह मामला भारत में साइबर-सक्षम अपराध और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाली संभावित अंतरराष्ट्रीय साजिशों की जांच के तरीकों पर नए सवाल खड़े करता है।