कोच्चि सिनेगॉग आगजनी: आरोपी एबिन पॉल पर यूएपीए की धारा 16 और 18, बड़ी साजिश की एसआईटी जांच
सारांश
मुख्य बातें
केरल पुलिस ने एर्नाकुलम स्थित ऐतिहासिक कडावुमभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी के मुख्य आरोपी एबिन पॉल के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई हैं। 23 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस कार्रवाई के साथ जांचकर्ता अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या 12 अक्टूबर को हुई यह घटना किसी सुनियोजित बड़ी साजिश की कड़ी थी।
यूएपीए की कौन-सी धाराएं लगाई गईं
पुलिस ने एबिन पॉल के खिलाफ यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी गतिविधि करना) और धारा 18 (ऐसी गतिविधियों की साजिश रचना) के तहत मामला दर्ज किया है। ये प्रावधान आतंकवाद से जुड़े गंभीर अपराधों में लागू होते हैं और इनके तहत गिरफ्तारी पर जमानत हासिल करना अत्यंत कठिन होता है। यह कदम कोच्चि पुलिस द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
अज्ञात 'बॉस' और डिजिटल नेटवर्क की तलाश
एसआईटी इस संभावना की गहन जांच कर रही है कि एबिन ने 'बॉस' नाम के एक अज्ञात हैंडलर के निर्देशों पर काम किया था। आरोपी ने विक्रम नाम के एक व्यक्ति का भी उल्लेख किया है, जिसकी पहचान और 'बॉस' के साथ उसके संभावित संबंधों की जांच जारी है। आरोपी के अनुसार, उसे फोन कॉल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए निर्देश मिले थे।
जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि कथित हैंडलर विदेश से संचालित तो नहीं था और क्या आरोपी को हमले करने के बदले में कोई वित्तीय भुगतान किया गया था। एबिन के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी है, जिससे डिजिटल संचार की प्रकृति और उसमें शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जांच का दायरा पुणे तक बढ़ा
एसआईटी ने जांच को पुणे तक विस्तार दिया है, जहां एबिन पढ़ाई करता था। जांचकर्ता उसके शैक्षिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसे किसी बाहरी नेटवर्क ने प्रभावित किया या निर्देश दिए थे। इसके साथ ही पुलिस एबिन को आगजनी की अन्य संबंधित घटनाओं से जोड़ने के बाद यह जांच कर रही है कि क्या ये हमले एक सुनियोजित श्रृंखला का हिस्सा थे।
राष्ट्रीय एजेंसियों की नज़र, अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इस मामले पर नज़र रख रही हैं और पहले ही जानकारी जुटा चुकी हैं। गौरतलब है कि कडावुमभागम सिनेगॉग केरल के यहूदी समुदाय के ऐतिहासिक प्रार्थना स्थलों में से एक है और इस पर हमले ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता प्रदान की है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
आगे की जांच और प्राथमिकताएं
पुलिस अब तीन प्रमुख उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है — कथित हैंडलर की पहचान करना, डिजिटल सुरागों की फॉरेंसिक पुष्टि करना और हमले के पीछे की मंशा तथा वित्तपोषण के स्रोत का पता लगाना। जांच एजेंसियों के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें संभावित विदेशी कनेक्शन और डिजिटल माध्यमों से संचालन के संकेत मिल रहे हैं।