कोडरमा सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार गिरफ्तार, नाबालिग छात्रा के यौन शोषण का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोडरमा जिले में नाबालिग छात्रा के कथित यौन शोषण के मामले में पुलिस ने सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को शनिवार देर रात हिरासत में लिया। पीड़िता हजारीबाग जिले की रहने वाली है और उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर त्वरित कानूनी कार्रवाई की माँग की थी। रविवार को आरोपी डॉक्टर को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी चल रही है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर गठित एक विशेष जाँच टीम ने चंदवारा थाना क्षेत्र के उरवां स्थित डॉ. अनिल कुमार के रेस्टोरेंट के पास से उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें तिलैया डैम ओपी थाने ले गई, जहाँ उनसे गहन पूछताछ जारी है।
मामला नाबालिग से जुड़ा होने और एक उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगने के कारण पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी पदों पर बैठे लोगों द्वारा अधिकार के दुरुपयोग के मामलों पर सार्वजनिक चर्चा तेज है।
आरोप की पृष्ठभूमि
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, वर्ष 2025 में पीड़िता अपनी माँ के साथ चिकित्सा उपचार के सिलसिले में डॉ. अनिल कुमार के संपर्क में आई थी। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर ने छात्रा को बहला-फुसलाकर कथित तौर पर उसका यौन शोषण शुरू किया।
काफी समय तक मानसिक प्रताड़ना सहने के बाद पीड़िता ने साहस जुटाकर कोडरमा महिला थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी का पेशेवर रुतबा — सिविल सर्जन का पद — इसे सामान्य यौन उत्पीड़न के आरोपों से कहीं अधिक संवेदनशील बनाता है, क्योंकि विश्वास और उपचार के रिश्ते का कथित दुरुपयोग सामने आया है।
पुलिस जाँच की स्थिति
एसडीपीओ प्रमोद केशरी और महिला थाना प्रभारी स्वयं पीड़िता से आमने-सामने पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य घटना के पूरे कालक्रम, आरोपी डॉक्टर से संपर्क के माध्यमों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को जोड़ना है।
अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता के औपचारिक बयान और मेडिकल तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल आरोपी डॉक्टर की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जाँच और पूछताछ पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। रविवार को डॉ. अनिल कुमार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, जिसके बाद न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च प्रशासनिक स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।