क्या राहुल और सोनिया गांधी कानून से ऊपर हैं? एनडीए नेताओं की नई एफआईआर पर प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- नेशनल हेराल्ड केस में नई एफआईआर दर्ज हुई।
- सत्ताधारी नेताओं ने गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
- केंद्रीय मंत्री ने कहा, "वे कानून से ऊपर नहीं हैं।"
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ नई एफआईआर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि राहुल, सोनिया और गांधी-वाड्रा परिवार एक भ्रष्ट परिवार हैं।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "वे कानून से ऊपर नहीं हैं। अगर आरोप हैं, तो एजेंसियां अपनी जांच उसी हिसाब से करेंगी।"
केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने इस पर कहा, "नई एफआईआर दस्तावेजों और सबूतों के गहन अध्ययन के बाद दर्ज की गई है। कार्रवाई किसी भी तरह बदले की भावना से नहीं हुई। अदालत स्वतंत्र और निष्पक्ष है। जब प्राप्त साक्ष्य मिलते हैं, तब एफआईआर के लिए कहा जाता है।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में नई एफआईआर से स्पष्ट होता है कि राहुल और सोनिया गांधी के खिलाफ भ्रष्टाचार का प्रथम दृष्टया मामला जनता के सामने आया है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी, सोनिया गांधी और गांधी-वाड्रा परिवार एक भ्रष्ट परिवार है।"
आरपी सिंह ने कहा, "जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कोई केस फाइल करता है, तो उसका फॉलो-अप आम तौर पर इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) मानक प्रक्रिया के तहत करता है। यह 2013 का केस है, जिस पर ईडी फॉलो-अप कर रहा था। अब, चूंकि कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है, इसलिए ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई शुरू कर दी है।"
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस पार्टी कई तरह से भ्रष्टाचार की पहचान है। 2004 से 2014 तक, अपने राज में पार्टी ने पूरे देश में भ्रष्टाचार के नए आयाम बनाए। उन्होंने कहा, "लोगों ने उन्हें सेवा के लिए चुना था, लेकिन इसके बजाय वे सत्ता में रहते हुए निजी फायदे में लगे रहे।"