क्या नेशनल हेराल्ड मामले में रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार किया?

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क्या नेशनल हेराल्ड मामले में रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार किया?

सारांश

कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले में एफआईआर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह मामला पुराना है और कानूनी कार्रवाई जारी है। पढ़ें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
  • रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।
  • कानूनी कार्रवाई जारी है, जिसमें कई नेता शामिल हैं।
  • आयकर विभाग ने इस मामले को चैरिटेबल ट्रस्ट नहीं माना।
  • कांग्रेस को हिसाब देना चाहिए, यह रविशंकर प्रसाद का कहना है।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल हेराल्ड के भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दर्ज एक नई एफआईआर के संबंध में कांग्रेस पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस का दावा है कि यह सब झूठ और बेबुनियाद है, और उन्हें जानबूझकर फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह मामला मोदी सरकार के आने से पहले का है। ईडी की कार्रवाई नेशनल हेराल्ड के इतिहास, उसकी कंपनियों, और लेन-देन की जांच के बाद की गई है।

उन्होंने बताया कि नेशनल हेराल्ड चलाने वाली कंपनी ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ पर लगभग 90 करोड़ रुपए का लोन था, जो कांग्रेस ने दिया था। इसके बाद एक नई कंपनी बनाकर ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ के माध्यम से उसके सारे शेयर केवल 50 लाख में खरीद लिए गए। यह सौदा असामान्य था, क्योंकि 90 करोड़ का लोन पहले माफ किया गया और फिर कंपनी के सारे शेयर नई कंपनी को बहुत कम कीमत पर दे दिए गए।

रविशंकर प्रसाद ने बताया कि यंग इंडिया में सोनिया और राहुल गांधी की लगभग 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसका आरोप है कि इस प्रक्रिया से यंग इंडिया को एसोसिएटेड जर्नल्स की बड़ी संपत्तियों का नियंत्रण मिल गया, जो कई शहरों में हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी संपत्तियां कांग्रेस सरकार द्वारा कम कीमत पर दी गई थीं और इन पर बड़ी इमारतें खड़ी की गईं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यंग इंडिया लिमिटेड के माध्यम से राहुल और सोनिया ने कम पैसे देकर बड़ी संपत्तियों पर मालिकाना हक प्राप्त कर लिया। 90 करोड़ के लोन पर 50 लाख देकर पूरे एसोसिएट जनरल को अपने नाम कर लिया।

कांग्रेस नेताओं ने अदालतों का रुख किया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। दिल्ली हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा। इसके बाद आयकर विभाग ने भी कांग्रेस के इस दावे को खारिज किया कि यह ट्रस्ट चैरिटेबल है।

इसके बाद जांच एजेंसियों ने अपनी कार्यवाही की और अंत में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की। इस एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत 6 लोगों और 3 कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि आप फर्जीवाड़ा करके किसी कंपनी को ओन कर लेंगे और हजारों करोड़ की संपत्ति ले लेंगे। यह सीधा लूट का मामला है, इसलिए कानून अपना काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह मामला पुराना है, इसलिए पुराने कानूनों के अनुसार चलेगा। कांग्रेस भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है कि उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाया जा रहा है, जबकि अदालतों ने उनके तर्कों को पहले ही खारिज कर दिया है।

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि भाषण देने के बजाय कांग्रेस को जो कुछ हुआ उसका हिसाब देना चाहिए।

Point of View

इस मामले में हमें न्यायालयों और जांच एजेंसियों के निष्पक्ष निर्णय पर विश्वास करना चाहिए। यह मामला राजनीतिक विवाद से परे है और इसे कानून के अनुसार सुलझाना चाहिए।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

नेशनल हेराल्ड मामला क्या है?
नेशनल हेराल्ड मामला एक भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है जिसमें राहुल गांधी और अन्य शामिल हैं।
रविशंकर प्रसाद ने क्या कहा?
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह मामला मोदी सरकार से पहले का है और कांग्रेस को हिसाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
कांग्रेस ने इसे झूठा और बेबुनियाद बताया है और कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
क्या कानूनी कार्रवाई चल रही है?
जी हां, इस मामले में कानूनी कार्रवाई चल रही है और कई नेता जांच के दायरे में हैं।
इस मामले में आयकर विभाग ने क्या कहा?
आयकर विभाग ने कहा कि यह कोई चैरिटेबल ट्रस्ट नहीं है, बल्कि यह संपत्ति हड़पने का मामला है।
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