नेशनल हेराल्ड केस: ईडी की याचिका पर सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ सुनवाई 20 अप्रैल को
सारांश
Key Takeaways
- नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी पर गंभीर आरोप हैं।
- ईडी ने 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति के अवैध कब्जे का मामला उठाया है।
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल निर्धारित की है।
- चार्जशीट में कई अन्य नेताओं का भी नाम है।
- ईडी को आगे की जांच की अनुमति दी गई है।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 अप्रैल के लिए निर्धारित किया है।
ईडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में राऊज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया गया था। सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल तय की।
यह मामला उन गंभीर आरोपों से संबंधित है, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नेशनल हेराल्ड अखबार के मूल प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के लिए साजिश की। उन्होंने यंग इंडियन के माध्यम से केवल 50 लाख रुपए का मामूली भुगतान किया, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों शेयरधारक हैं।
ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, इसके साथ ही यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर एजेएल की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को गलत तरीके से अपने कब्जे में लिया।
ईडी का दावा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं जो फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हैं। एजेंसी का कहना है कि एजेएल की संपत्तियों को बहुत कम कीमत पर हासिल करने की साजिश रची गई थी, जिससे अवैध लाभ उठाया गया।
इससे पहले, दिसंबर 2025 में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि ईडी चाहें तो इस मामले में आगे की जांच जारी रख सकती है। इसी आदेश के खिलाफ ईडी ने उच्च न्यायालय का रुख किया है।