30 जुलाई 2026
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क्या नेशनल हेराल्ड केस में ईओडब्ल्यू ने राहुल और सोनिया गांधी पर एफआईआर दर्ज की है?

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क्या नेशनल हेराल्ड केस में ईओडब्ल्यू ने राहुल और सोनिया गांधी पर एफआईआर दर्ज की है?

सारांश

नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज होने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। ईओडब्ल्यू ने गंभीर आरोपों के साथ जांच शुरू की है। क्या यह मामला कांग्रेस के लिए नई समस्याएँ खड़ी करेगा?

मुख्य बातें

नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज हुई है।
ईओडब्ल्यू ने गंभीर आरोपों के साथ जांच शुरू की है।
कांग्रेस के लिए यह एक नई चुनौती बन सकता है।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल हेराल्ड मामले ने एक बार फिर से राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

एफआईआर संख्या 0124/2025 के तहत कुल नौ आरोपियों को नामित किया गया है, जिनमें छह व्यक्ति और तीन कंपनियाँ शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 3 अक्टूबर 2025 को की गई शिकायत पर आधारित है, जिसमें पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत अनुसूचित अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) कंपनी की लगभग 2000 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की साजिश रची गई है।

एजेएल, नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी है, जो 2008 में वित्तीय संकट के कारण बंद हो गई थी। उस समय एजेएल पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का 90.21 करोड़ रुपए का ब्याज रहित ऋण बकाया था। आरोप है कि 2010 में गठित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से इस ऋण को मात्र 50 लाख रुपए में खरीद लिया गया। यंग इंडियन में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास संयुक्त रूप से 76 प्रतिशत शेयर हैं, जिससे वे इसके लाभार्थी मालिक बन गए।

ईडी की जांच रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि यंग इंडियन को 'स्पेशल पर्पस व्हीकल' के रूप में बनाया गया, जो सार्वजनिक धन को निजी हितों में बदलने का माध्यम बना।

एजेएल ने अपना बकाया ऋण 10 रुपए अंक मूल्य वाले 9.02 करोड़ इक्विटी शेयरों में बदल दिया, जिससे एआईसीसी के दानदाताओं और शेयरधारकों को ठगा गया। इसके अलावा, कोलकाता की कथित शेल कंपनी डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपए का हस्तांतरण किया, जो साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।

ईडी ने 9 अप्रैल 2025 को राऊज एवेन्यू कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर की थी, जिसमें धारा 3 और 4 के तहत धन शोधन का आरोप लगाया गया। अदालत ने अभी संज्ञान लेने पर फैसला सुरक्षित रखा है।

एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और सुनील भंडारी को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा तीन कंपनियों - यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडिस का नाम भी जांच में आया था, लेकिन उनकी मृत्यु के कारण वे अब आरोपी नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
नेशनल हेराल्ड केस एक विवाद है जिसमें सोनिया और राहुल गांधी पर आर्थिक अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।
ईओडब्ल्यू ने किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है?
ईओडब्ल्यू ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में कौन से आरोप शामिल हैं?
एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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