कोलकाता पुलिस ने मतगणना केंद्रों के 200 मीटर दायरे में 5 से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगाई, 4 मई की गिनती से पहले सुरक्षा कड़ी

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कोलकाता पुलिस ने मतगणना केंद्रों के 200 मीटर दायरे में 5 से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगाई, 4 मई की गिनती से पहले सुरक्षा कड़ी

सारांश

4 मई की मतगणना से पहले कोलकाता पुलिस ने 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की और ईवीएम स्ट्रांग-रूम पर त्रिस्तरीय सुरक्षा तैनात की। यह कदम TMC और BJP नेताओं के बीच ईवीएम छेड़छाड़ के आरोप-प्रत्यारोप के बाद उठाया गया, जिसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दस्तावेजों के साथ खारिज किया।

Key Takeaways

कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार से सभी मतगणना केंद्रों के 200 मीटर दायरे में 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर निषेधाज्ञा लागू की। यह आदेश भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के निर्देशानुसार जारी किया गया है; उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। खुदीराम अनुशीलन केंद्र और सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा और स्टील रेलिंग लगाई गई। TMC के मंत्री डॉ. शशि पांजा , महासचिव कुणाल घोष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने दस्तावेजों के साथ सभी आरोपों को खारिज किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई को निर्धारित है।

कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार, 2 मई 2026 से अपने अधिकार क्षेत्र के सभी मतगणना केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह कदम पश्चिम बंगाल के दो चरणों के विधानसभा चुनावों की 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले उठाया गया है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के निर्देशों के तहत यह आदेश जारी किया गया है।

निषेधाज्ञा में क्या है

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मतगणना केंद्रों के निर्धारित दायरे में 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही चुनाव आयोग द्वारा अनुमोदित न की गई वस्तुओं को भी इन क्षेत्रों में ले जाने पर रोक लगाई गई है। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वैध पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा, और उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ईवीएम स्ट्रांग-रूम पर सुरक्षा त्रिस्तरीय

कोलकाता के दो प्रमुख ईवीएम स्ट्रांग-रूम स्थलों — मध्य कोलकाता स्थित खुदीराम अनुशीलन केंद्र और दक्षिण कोलकाता के लॉर्ड सिन्हा रोड पर स्थित सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल — पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है। दोनों स्थलों को भारी स्टील रेलिंग से सुरक्षित किया गया है और 200 मीटर के दायरे में वाहनों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगाई गई है।

तनाव की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि बुधवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री डॉ. शशि पांजा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष अपने समर्थकों के साथ ईवीएम स्ट्रांग-रूम पहुँचे और ईवीएम तथा डाक मतपत्रों में छेड़छाड़ के आरोप लगाए। इसके बाद खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सामने तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता तपस रॉय और संतोष पाठक भी वहाँ पहुँच गए। कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को कानून-व्यवस्था बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल पहुँचीं और उन्होंने भी स्ट्रांग-रूम में हेराफेरी के आरोप दोहराए।

चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने दस्तावेजों के साथ इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, ईवीएम की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित है और मतगणना प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 मई को सुचारू रूप से संपन्न होगी।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी तनाव का दीर्घकालिक इतिहास रहा है और मतगणना के दिन हिंसा की आशंका हमेशा बनी रहती है। कोलकाता पुलिस की यह सख्ती यह संकेत देती है कि प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही सतर्क हो गया है। 4 मई की मतगणना के नतीजे पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

Point of View

यह दर्शाता है कि दाँव कितने ऊँचे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का दस्तावेजों के साथ खंडन संस्थागत जवाबदेही का संकेत है, लेकिन सवाल यह है कि राजनीतिक दल अपने समर्थकों में अविश्वास का जो बीज बो रहे हैं, उसे कागज़ी खंडन से नहीं रोका जा सकता। निषेधाज्ञा और त्रिस्तरीय सुरक्षा ज़रूरी कदम हैं, पर असली ज़रूरत यह है कि चुनावी प्रक्रिया में जन-विश्वास बहाल हो — जो सिर्फ पुलिस बल से नहीं, पारदर्शिता से आता है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

कोलकाता पुलिस की निषेधाज्ञा क्या है और यह कब से लागू है?
कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार, 2 मई 2026 से सभी मतगणना केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 4 मई की मतगणना से पहले जारी किया गया है।
पश्चिम बंगाल में मतगणना कब होगी?
पश्चिम बंगाल के दो चरणों के विधानसभा चुनावों की मतगणना 4 मई 2026 को होगी। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
ईवीएम स्ट्रांग-रूम पर किसने आरोप लगाए और चुनाव आयोग ने क्या कहा?
TMC के मंत्री डॉ. शशि पांजा, महासचिव कुणाल घोष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम और डाक मतपत्रों में छेड़छाड़ के आरोप लगाए। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने दस्तावेजों के साथ इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
कोलकाता में ईवीएम स्ट्रांग-रूम कहाँ हैं और उनकी सुरक्षा कैसी है?
कोलकाता में दो प्रमुख ईवीएम स्ट्रांग-रूम हैं — मध्य कोलकाता का खुदीराम अनुशीलन केंद्र और दक्षिण कोलकाता के लॉर्ड सिन्हा रोड पर सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल। दोनों स्थलों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, स्टील रेलिंग और 200 मीटर के दायरे में वाहन प्रतिबंध लागू है।
निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र अनिवार्य है।
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