क्या कोटक महिंद्रा बैंक पर आरबीआई ने 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया?

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क्या कोटक महिंद्रा बैंक पर आरबीआई ने 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया?

सारांश

आरबीआई ने कोटक महिंद्रा बैंक पर बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के लिए 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना बैंकिंग सेवाओं में कमियों और गलत जानकारी देने के कारण लगाया गया है। जानें इस जुर्माने के पीछे की वजह और बैंक का क्या कहना है।

मुख्य बातें

आरबीआई ने कोटक महिंद्रा बैंक पर 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
जुर्माना बैंकिंग सेवाओं के उल्लंघन के कारण है।
बैंक ने कुछ ग्राहकों के लिए बीएसबीडी खाता खोला था।
आरबीआई की कार्रवाई से बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।
बैंक को सीआईसी नियमों का पालन करना होगा।

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कोटक महिंद्रा बैंक पर बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स, बिजनेस कोरसपोंडेंट्स (बीसी) द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के दायरे और क्रेडिट सूचना कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में आरबीआई द्वारा जारी कुछ निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

केंद्रीय बैंक ने कहा, "यह जुर्माना बीआर अधिनियम की धारा 47ए(1)(सी) को धारा 46(4)(आई) के साथ और क्रेडिट सूचना कंपनियों (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 25(1)(iii) को धारा 23(4) के साथ मिलाकर आरबीआई को प्राप्त शक्तियों का प्रयोग कर लगाया गया है।"

आरबीआई द्वारा बैंक की 31 मार्च, 2024 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु वैधानिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया।

केंद्रीय बैंक ने कहा, "आरबीआई के निर्देशों, सीआईसी नियमों और संबंधित पत्राचार के प्रावधानों का अनुपालन न करने के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें उसे यह कारण बताने को कहा गया था कि आरबीआई के निर्देशों और सीआईसी नियमों के उक्त प्रावधानों का अनुपालन न करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।"

बैंक द्वारा नोटिस के जवाब और अतिरिक्त प्रस्तुतियां पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने पाया कि बैंक ने कुछ ऐसे ग्राहकों के लिए एक और बीएसबीडी खाता खोला था जिनके पास पहले से ही बैंक में बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (बीएसबीडी) था।

इसके अतिरिक्त, बैंक ने बीसी के साथ ऐसी गतिविधियों को करने के लिए एक समझौता किया है, जो बीसी द्वारा की जा सकने वाली गतिविधियों के दायरे में नहीं आती हैं।

इसके अलावा, आरबीआई के कहा कि बैंक ने कुछ उधारकर्ताओं के संबंध में क्रेडिट सूचना कंपनियों (सीआईसी) को गलत जानकारी दी।

आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई वैधानिक और नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई टिप्पणी करना नहीं है।

आरबीआई ने आगे कहा, "इसके अलावा, मौद्रिक जुर्माना लगाने का निर्णय आरबीआई द्वारा बैंक के खिलाफ शुरू की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बैंकिंग क्षेत्र में नियामक अनुपालन को मजबूती प्रदान करेगा। यह कार्रवाई दर्शाती है कि आरबीआई बैंकिंग नियमों के उल्लंघन पर गंभीरता से ध्यान दे रहा है। इस मामले में राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए, सभी बैंकों को अपने कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई ने कोटक महिंद्रा बैंक पर जुर्माना क्यों लगाया?
आरबीआई ने बैंक द्वारा बैंकिंग सेवाओं, बीएसबीडी खातों और सीआईसी नियमों के उल्लंघन के कारण जुर्माना लगाया।
जुर्माना कितने रुपए का है?
कोटक महिंद्रा बैंक पर 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
जुर्माने का प्रभाव क्या होगा?
यह जुर्माना बैंक के नियामक अनुपालन को प्रभावित करेगा और अन्य बैंकों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगा।
राष्ट्र प्रेस