क्या कोझिकोड आत्महत्या केस में उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला गिरफ्तार हुई?
सारांश
Key Takeaways
- महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- वीडियो के वायरल होने के बाद आरोपी ने आत्महत्या कर ली।
- मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
कोझिकोड, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल के कोझिकोड में पुलिस ने बुधवार को उस महिला को हिरासत में लिया, जिसने एक निजी बस में एक व्यक्ति के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था।
वीडियो के वायरल होने के बाद, आरोपी व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। गिरफ्तार महिला की पहचान शिमजिथा मुस्तफा के रूप में हुई है, जिसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बडागारा स्थित उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया गया।
यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब शिमजिथा ने 42 वर्षीय यू. दीपक की आत्महत्या से जुड़े मामले में कोझिकोड जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। दीपक कुछ दिन पहले अपने बेडरूम में मृत पाए गए थे। उनके निधन से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें शिमजिथा ने एक निजी बस में दीपक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
पुलिस के अनुसार, शिमजिथा ने इस घटना के संबंध में किसी औपचारिक शिकायत के बिना ही वीडियो को ऑनलाइन डाल दिया था, और इस पहलू की जांच की जा रही है।
दीपक के माता-पिता की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज पुलिस ने शिमजिथा के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि गैर-जमानती धाराएं लगने के बाद वह फरार हो गई थी और उसका मोबाइल भी बंद था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक था कि वह केरल छोड़कर मंगलुरु पहुंच चुकी है। इसके बाद उसे देश छोड़ने से रोकने के लिए तलाशी नोटिस जारी किया गया। पुलिस ने बताया कि शिमजिथा पहले भी विदेश में रह चुकी है, इसलिए उसके फरार होने की आशंका को गंभीरता से लिया गया।
जांच के तहत पुलिस ने उस अल अमीन निजी बस के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की, जिसमें यह घटना घटी थी। फुटेज में दीपक को दोपहर करीब 12.45 बजे बस में चढ़ते हुए देखा गया है। उसके हाथ में एक बैग था और वह सामान्य अवस्था में दिखाई दे रहा था। फुटेज से स्पष्ट हुआ कि शिमजिथा दीपक से लगभग एक मिनट पहले बस में चढ़ी थी। पुलिस के अनुसार, फुटेज में किसी झड़प, विवाद या असामान्य गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
पुलिस ने बस के ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। सभी कर्मचारियों ने यात्रा के दौरान किसी भी तरह की शिकायत या अप्रिय घटना से इनकार किया है। कंडक्टर ने कहा कि शिमजिथा ने बस में रहते हुए न तो किसी पर आरोप लगाया और न ही मदद मांगी। इसके अलावा, वीडियो में जिन बस कर्मचारियों का जिक्र किया गया, उनके भी बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं।
दीपक के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि वीडियो के वायरल होने के बाद उनके बेटे को गहरा मानसिक आघात पहुंचा था। उन्होंने दावा किया कि यह आरोप झूठा था और सार्वजनिक अपमान के कारण दीपक अत्यधिक तनाव में था। इस बीच, पुरुषों के एक संगठन ने इस मामले की सीबीआई या क्राइम ब्रांच से जांच कराने की मांग करते हुए केरल उच्च न्यायालय का रुख किया है।
पुलिस ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के तहत बस में सफर कर रहे अन्य यात्रियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और शिमजिथा के डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, एकत्र किए गए सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।