क्या कर्नाटक के बेलगावी में चिट फंड धोखाधड़ी का मामला गंभीर है?
सारांश
Key Takeaways
- बेलगावी में चिट फंड धोखाधड़ी का मामला
- 100 से अधिक महिलाओं का करोड़ों का नुकसान
- कमिश्नर ने विशेष जांच टीम का गठन किया
- महिलाएं न्याय की मांग कर रही हैं
- आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
बेलगावी, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बेलगावी में चिट फंड के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 100 से अधिक महिलाओं और आम लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की गई है। पीड़ित महिलाओं ने कमिश्नर कार्यालय जाकर इंसाफ की मांग की और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील की।
महिलाओं का कहना है कि उन्हें अधिक रिटर्न और आकर्षक ब्याज के लालच में चिट फंड में पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया और बाद में उनके पैसे हड़प लिए गए। बताया जा रहा है कि इस कथित धोखाधड़ी में पीड़ितों ने मिलकर तीन करोड़ रुपए से अधिक की राशि खोई है।
पीड़ित महिलाओं ने कमिश्नर भूषण बोरासे से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। कमिश्नर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच तेजी से चल रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
धोखाधड़ी की शिकार महिला साक्षी ने बताया कि वह दिलीप नामक व्यक्ति के पास चिट फंड में पैसा जमा करती थी। दिलीप और उसका बेटा मिलकर फंड का संचालन कर रहे थे और करीब दस वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा। साक्षी ने कहा कि वह हर महीने सात हजार रुपए फंड में जमा करती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से न तो उन्हें उनकी मूल राशि मिली और न ही कोई रिटर्न। जब वे दिलीप से संपर्क करने उसके विजयनगर स्थित किराने की दुकान पर पहुंचीं तो पता चला कि वह वहां नहीं है और दुकान उसकी पत्नी चला रही है।
साक्षी का आरोप है कि दिलीप की पत्नी ने भी पैसे लौटाने से इनकार करते हुए कहा कि वह पैसे दिलीप से ही मांगें और उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
साक्षी ने यह भी बताया कि वह अकेली नहीं हैं, बल्कि अन्य कई महिलाएं भी हैं जो नियमित रूप से चिट फंड में पैसा जमा करती थीं और अब सभी अपने पैसे वापस पाने के लिए भटक रही हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनके विश्वास का गलत फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया गया है।
कमिश्नर भूषण बोरासे ने बताया कि महिलाओं के एक समूह की शिकायत के बाद ‘श्री गणेश मासिक वार्षिक फंड’ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के अनुसार, फंड एजेंसी ने सालाना 10 प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया था, लेकिन भुगतान का समय आने पर आरोपी फरार हो गए। कमिश्नर ने दोहराया कि केस दर्ज कर लिया गया है, विशेष टीम मामले की जांच कर रही है, और दोषियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।