क्या केपी रामलिंगम ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया?

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क्या केपी रामलिंगम ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया?

सारांश

सलेम में भाजपा की बैठक में केपी रामलिंगम ने डीएमके पर गंभीर आरोप लगाए। क्या यह भाजपा और एआईएडीएमके के गठबंधन को मजबूत करेगा? जानिए इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

केपी रामलिंगम ने डीएमके पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा और एआईएडीएमके का गठबंधन चुनावों के लिए मजबूत है।
एआईएडीएमके को एकजुट होने की आवश्यकता है।
कम्युनिस्ट पार्टियों की स्थिति पर सवाल उठाए गए।
कार्यकर्ताओं को जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया।

सलेम (तमिलनाडु), 7 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तमिलनाडु प्रदेश उपाध्यक्ष केपी रामलिंगम ने सलेम में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के बाद रामलिंगम ने पत्रकारों से बातचीत में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अन्य विपक्षी दलों पर कड़ा हमला किया।

रामलिंगम ने कहा कि डीएमके को मजबूत व्यक्तियों की आवश्यकता नहीं है और वह केवल कमजोर लोगों का समर्थन करती है। उन्होंने यह बयान रविवार को सलेम में आयोजित भाजपा की बैठक के बाद दिया।

रामलिंगम ने अन्नाद्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ भाजपा के गठबंधन पर स्पष्टता देते हुए कहा कि यह गठबंधन 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत है। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा का उद्देश्य एआईएडीएमके के आंतरिक गुटों को एकजुट करना नहीं, बल्कि गठबंधन को मजबूत कर पार्टी के विकास में सहयोग करना है।

एआईएडीएमके के आंतरिक कलह पर टिप्पणी करते हुए रामलिंगम ने कहा, "पार्टी को शेखर बाबू, वेलु, जगतारक्षगन, थिरुनावुक्कारसु मुथुसामी, सेंथिल और सेंथिल बालाजी जैसे नेताओं को एकजुट कर एक मजबूत संगठन बनाना चाहिए। एकजुट एआईएडीएमके ही डीएमके को कड़ी टक्कर दे सकती है।"

कम्युनिस्ट पार्टियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "ये दल देशहित में काम करने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी स्थिति 'दयनीय' है।" उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर केवल अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही डीएमके पर भी भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने 2026 के चुनावों में मुख्य मुद्दा बताया।

भाजपा और एआईएडीएमके के गठबंधन को मजबूत बताते हुए रामलिंगम ने दावा किया कि यह गठबंधन डीएमके की 'कुशासन' को उखाड़ फेंकेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को डीएमके के खिलाफ जागरूक करने की अपील की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम राजनीतिक दलों की आलोचना के साथ-साथ उनके विकास के रास्तों को भी समझें। भाजपा और एआईएडीएमके का गठबंधन एक संभावित राजनीतिक शक्ति बन सकता है, परंतु यह केवल समय ही बताएगा कि क्या यह चुनावों में सफल होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपी रामलिंगम ने डीएमके पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने डीएमके पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया।
भाजपा और एआईएडीएमके का गठबंधन किस उद्देश्य से है?
यह गठबंधन 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत है।
रामलिंगम ने एआईएडीएमके के नेताओं के बारे में क्या कहा?
उन्होंने एआईएडीएमके के नेताओं को एकजुट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कम्युनिस्ट पार्टियों के बारे में रामलिंगम का क्या कहना था?
उन्होंने कहा कि ये दल देशहित में काम करने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी स्थिति 'दयनीय' है।
रामलिंगम ने कार्यकर्ताओं को क्या सलाह दी?
उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को डीएमके के खिलाफ जागरूक करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस