क्या 90 के दशक में बूथ कैप्चरिंग का सच यही था? किरेन रिजिजू का साझा किया वीडियो

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क्या 90 के दशक में बूथ कैप्चरिंग का सच यही था? किरेन रिजिजू का साझा किया वीडियो

सारांश

क्या 90 के दशक में बूथ कैप्चरिंग की असली तस्वीर यही थी? केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक वीडियो साझा कर उस समय की हकीकत को उजागर किया है। बिहार में आगामी चुनावों के बीच यह मुद्दा फिर से चर्चा में है। जानिए इस वीडियो में क्या है खास!

मुख्य बातें

1998 केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का वीडियो वायरल हुआ।
विपक्ष का आरोप, वोट चोरी की है।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जन जागरूकता यात्रा।
जनता के हक की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील।

नई दिल्ली, 14 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव कुछ महीनों में होने जा रहे हैं। इससे पहले, विपक्ष के नेता चुनाव आयोग और केंद्र पर 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 90 के दशक में बूथ कैप्चरिंग का एक वीडियो साझा किया है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज करते हुए कहा कि देखिए, आपके समय में वोट चोरी कैसे होती थी। सबसे बड़ा चोर अब चोरी के बारे में चिल्ला रहा है।

किरेन रिजिजू द्वारा साझा किया गया वीडियो 1998 का है। उस समय बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सरकार थी। इस वीडियो में दिखाया गया है कि 1998 में बूथ कैप्चरिंग कैसे होती थी। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि उस समय पोलिंग बूथ के बाहर मतपेटी में खुलेआम मतदाता पर्चियों को डाला जा रहा था।

वीडियो में यह भी उल्लेख है कि यह लालू राज का 90 का दशक था। उस समय खुलेआम वोटों और बूथों की लूट होती थी।

इसके अलावा, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में विपक्ष ने 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली थी। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस यात्रा की अगुवाई की।

राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने देंगे। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर सीधे सवाल उठाए और आरोप लगाया कि लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता की ताकत सबसे बड़ी है और जब जनता जागरूक होती है, तो कोई ताकत उनके हक को नहीं छीन सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि वोट के अधिकार की रक्षा के लिए सतर्क और एकजुट रहें।

तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को 'नकलची' करार देते हुए कहा कि बिहार की मौजूदा सरकार जनता से किए गए वादों की नकल तो करती है, लेकिन उन्हें जमीन पर लागू करने में पूरी तरह विफल रही है।

दोनों नेताओं ने जनता को भरोसा दिलाया कि यदि जनता साथ देती है, तो न केवल वोट चोरी रोकी जाएगी, बल्कि एक ऐसी सरकार बनाई जाएगी जो हर वर्ग की आवाज सुनेगी और युवाओं को बेहतर भविष्य की गारंटी देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि वर्तमान में लोगों का ध्यान आकृष्ट किया जा सके। यह आवश्यक है कि सभी पार्टियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करें और मतदाता के अधिकारों की रक्षा करें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बूथ कैप्चरिंग क्या होती है?
बूथ कैप्चरिंग उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें चुनाव के दौरान मतदाता के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए वोटों को चोरी किया जाता है।
कौन सा वीडियो किरेन रिजिजू ने साझा किया?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 1998 के बूथ कैप्चरिंग का एक वीडियो साझा किया है, जो उस समय के चुनावी माहौल को दर्शाता है।
क्या राहुल गांधी ने वोट चोरी के खिलाफ कुछ कहा?
हां, राहुल गांधी ने बिहार में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए इसे रोकने का वचन दिया है।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को 'नकलची' करार देते हुए जनता की वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।
बिहार में चुनाव कब होंगे?
बिहार में विधानसभा चुनाव अगले कुछ महीनों में होने वाले हैं।
राष्ट्र प्रेस
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