क्या आप चेहरे के दाने और मुंहासों से परेशान हैं? जानें आयुर्वेद और विज्ञान से असली कारण

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क्या आप चेहरे के दाने और मुंहासों से परेशान हैं? जानें आयुर्वेद और विज्ञान से असली कारण

सारांश

क्या आप भी चेहरे के दाने और मुंहासों से परेशान हैं? जानें आयुर्वेद और विज्ञान के दृष्टिकोण से इसके असली कारण और उपाय। यह लेख आपको पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए आवश्यक जानकारियाँ प्रदान करेगा।

Key Takeaways

  • पिंपल्स के लिए हार्मोनल असंतुलन एक बड़ा कारण है।
  • आयुर्वेदिक उपायों से पिंपल्स को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • सही डाइट और जीवनशैली का पालन करना जरूरी है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चेहरे पर दाने और मुंहासों की समस्या हर किसी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। ये कभी-कभी अचानक प्रकट होते हैं और कई हफ्तों तक परेशान करते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए केवल स्किन केयर उत्पादों पर निर्भर रहना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके असली कारण को समझना भी आवश्यक है। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही बताते हैं कि पिंपल्स क्यों होते हैं और उनसे कैसे निपट सकते हैं।

आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान के अनुसार, पिंपल्स का प्रमुख कारण हार्मोनल परिवर्तन हैं। विशेषकर किशोरावस्था, पीरियड से पहले, पीसीओडी या थायरॉइड जैसी स्थितियों में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। इससे त्वचा में ज्यादा तेल बनता है और पोर ब्लॉक हो जाते हैं। यदि डेड स्किन, मेकअप या गंदगी को साफ नहीं किया जाए, तो बैक्टीरिया पनपते हैं और दाने बन जाते हैं।

इसके अलावा, पाचनपिंपल्स का कारण बन सकती हैं। कब्ज, गैस, एसिडिटी या देर से शौच करने पर शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं और ये त्वचा के माध्यम से बाहर आने लगते हैं। इसी तरह, गलत खान-पान जैसे ज्यादा तला-भुना, जंक फूड, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा दूध या चाय भी पिंपल्स को बढ़ा सकते हैं। नींदतनाव

आयुर्वेद के अनुसार, पिंपल्स के पीछे मुख्य कारण पित्त दोष और कफ दोष हैं। पित्त बढ़ने से शरीर में गर्मी और जलन होती है, जिससे लाल और दर्द वाले पिंपल्स आते हैं। कफ दोष बढ़ने से ऑयली स्किन, व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स बनते हैं। कब्ज या मल अवरोध भी पिंपल्स का बड़ा कारण है, क्योंकि शरीर की गंदगी बाहर नहीं निकल पाती।

चेहरे के विभिन्न हिस्सों पर दाने होने के कारण भी अलग-अलग होते हैं। माथे पर पिंपल्स अक्सर पाचन और गैस की वजह से होते हैं। गालों पर हार्मोन और जंक फूड की वजह से दाने आते हैं। ठोड़ी और जॉलाइन हार्मोनल असंतुलन या पीरियडदाने ज्यादा तेल और पित्त दोष की वजह से आते हैं।

मुंहासों को बढ़ाने वाली गलत आदतें भी हैं, जैसे पिंपल्स को दबाना, बार-बार फेस वॉश करना, बिना सलाह क्रीम लगाना या रात को मेकअप लगा छोड़ देना।

अगर पिंपल्स से छुटकारा पाना है, तो सबसे पहले कब्ज और हार्मोनल असंतुलन को सुधारना आवश्यक है। आयुर्वेद में इसके लिए 21 दिन का क्लीनिंग प्लान सहायक है। सुबह खाली पेट त्रिफला चूर्ण और सोंठ लेना, खाने से पहले हिंग्वाष्टक चूर्ण और खून व त्वचा शुद्ध करने के लिए महामंजिष्ठादि काढ़ा पीना फायदेमंद है। बाहरी तौर पर नीम, मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल मास्क और एलोवेरा जेल का उपयोग करें।

साथ ही डाइट पर भी ध्यान दें। पपीता, अनार, लौकी, मूंग दाल, छाछ जैसी चीजें खाएं और तला-भुना, जंक फूड, चॉकलेट और चाय कम करें।

Point of View

हम मानते हैं कि पिंपल्स की समस्या केवल एक व्यक्तिगत चुनौती नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक मुद्दा भी है। सही जानकारी और उपचार से हम इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

पिंपल्स क्यों होते हैं?
पिंपल्स के मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन, पाचन समस्याएं और गलत खान-पान हैं।
आयुर्वेद में पिम्पल्स का इलाज कैसे किया जा सकता है?
आयुर्वेद में, पित्त दोष और कफ दोष को संतुलित करना महत्वपूर्ण है।
क्या गलत आदतें पिंपल्स को बढ़ा सकती हैं?
हाँ, जैसे पिम्पल्स को दबाना और बिना सलाह क्रीम लगाना।
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