क्या 'आप' को डराने की हर कोशिश नाकाम होगी? : आतिशी

Click to start listening
क्या 'आप' को डराने की हर कोशिश नाकाम होगी? : आतिशी

सारांश

आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने सौरभ भारद्वाज के घर पर हुई ईडी की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी प्रधानमंत्री की डिग्री से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाने के लिए की गई थी। जानिए इस राजनीतिक संघर्ष के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • ईडी की छापेमारी का उद्देश्य राजनीतिक लाभ है।
  • प्रधानमंत्री की डिग्री पर उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश।
  • राजनीति में आरोप अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए होते हैं।
  • सत्येंद्र जैन का उदाहरण भ्रष्टाचार की कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
  • 'आप' की आवाज को दबाने की कोशिशें नाकाम होंगी।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सौरभ भारद्वाज के निवास पर हुई ईडी की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की डिग्री पर देशभर में उठ रहे प्रश्नों से ध्यान भटकाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

आतिशी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक प्रेरणा से भरी हुई है और इसका उद्देश्य जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाना है। जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी मांगी थी, तो केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को डिग्री दिखाने का आदेश दिया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने डिग्री नहीं दिखाई, बल्कि सीआईसी के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसी यूनिवर्सिटी है, जिसे इस बात का गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उसके पूर्व छात्र रहे हैं? उदाहरण देते हुए आतिशी ने कहा कि जब रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मानित किया। इसी तरह, जब वह खुद मुख्यमंत्री बनीं तो सेंट स्टीफंस कॉलेज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। लेकिन, दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्री सार्वजनिक करने से लगातार बच रही है।

आतिशी ने कहा कि जिस समय का मामला बताया जा रहा है, 2018-19 के दौरान दिल्ली के 24 अस्पतालों के निर्माण से जुड़ा, उस वक्त सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे। वह दो साल बाद मंत्री बने। ऐसे में इस केस की कोई सच्चाई नहीं है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसी तर्क पर रेड हो सकती है तो क्या भाजपा-कांग्रेस शासनकाल के 2जी, कोल गेट और कॉमनवेल्थ घोटाले में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री पर भी छापे मारे जाएंगे?

आतिशी ने कहा कि 'आप' ने आज तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला नहीं किया। उन्होंने सत्येंद्र जैन का उदाहरण दिया, जिन पर वर्षों तक कार्रवाई चली, लेकिन अंततः सीबीआई और ईडी को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। इसी तरह, सौरभ भारद्वाज पर डाली गई रेड भी राजनीति से प्रेरित है।

उन्होंने कहा कि 'आप' को डराने की हर कोशिश नाकाम होगी। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और सरकार की सच्चाई सामने लाते रहेंगे।

Point of View

जो दर्शाती है कि राजनीति में कार्रवाई अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए होती है। यह मुद्दा केवल एक पार्टी का नहीं, बल्कि समस्त राजनीतिक परिदृश्य का है। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक जनता को सतर्क रहना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

ईडी की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
ईडी की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री की डिग्री पर उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाना बताया गया है।
क्या यह छापेमारी राजनीतिक प्रेरणा से की गई थी?
आतिशी ने इसे पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित बताया है।
क्या 'आप' पर भ्रष्टाचार के आरोप सही हैं?
'आप' ने भ्रष्टाचार के एक भी मामले का सामना नहीं किया है, जैसा कि आतिशी ने कहा है।