क्या भारतीय अर्थव्यवस्था घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही है? - प्रभात रंजन

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क्या भारतीय अर्थव्यवस्था घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही है? - प्रभात रंजन

सारांश

क्या भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तव में तेजी से बढ़ रही है? प्रभात रंजन के अनुसार, भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत तक पहुँच गई है। जानें इसके पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएँ।

Key Takeaways

  • भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है।
  • 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य।
  • मोदी सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव।
  • मैन्युफैक्चरिंग, सेवा और कृषि क्षेत्र में सुधार।
  • समावेशी विकास पर जोर देने की आवश्यकता।

मुंबई, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

अर्थशास्त्री और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रभात रंजन ने इस सफलता पर चर्चा करते हुए बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रही है, जो कि देश के आर्थिक विकास की मजबूत नींव को दर्शाता है।

प्रभात रंजन ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। यदि हम 2014 से अब तक के सफर को देखें, तो यह स्पष्ट है कि भारत ने आर्थिक स्थिरता और विकास के मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।"

उन्होंने कहा कि 2025 के अंत तक भारत का 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य मजबूती और स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि सरकार की नीतियों, विशेष रूप से खर्चों पर नियंत्रण और आर्थिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।

प्रभात रंजन ने बताया कि मोदी सरकार के तीन कार्यकालों में कई कठिन और आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इनमें वित्तीय अनुशासन, बुनियादी ढांचे का विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि इन नीतियों ने न केवल घरेलू निवेश को प्रोत्साहित किया है, बल्कि वैश्विक निवेशकों का विश्वास भी जीता है। जीडीपी वृद्धि में इस तेजी का श्रेय मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और कृषि क्षेत्र में सुधारों को भी जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार को समावेशी विकास पर ध्यान देना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे उद्यमों को भी इस आर्थिक उछाल का लाभ मिले। यदि हमारी गति बरकरार रहती है तो भारत अपने 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बना रही है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास केवल सांख्यिकीय आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। यह विकास सरकारी नीतियों और अर्थशास्त्रियों की मेहनत का परिणाम है, जो हमें एक नई पहचान और आर्थिक स्थिरता की ओर ले जा रहा है।
NationPress
29/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्या है?
भारत की जीडीपी वृद्धि दर वर्तमान में 7.8 प्रतिशत है।
भारत 2025 तक किस आर्थिक लक्ष्य को हासिल करना चाहता है?
भारत का लक्ष्य 2025 के अंत तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
मोदी सरकार ने कौन से मुख्य कदम उठाए हैं?
मोदी सरकार ने वित्तीय अनुशासन, बुनियादी ढांचे का विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार कौन से क्षेत्रों में हो रहे हैं?
भारतीय अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और कृषि क्षेत्र में सुधार हो रहे हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिरता का क्या महत्व है?
भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिरता वैश्विक निवेशकों का विश्वास जीतने और देश की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण है।