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क्या बिहार के लोग गाली-गलौज की भाषा बर्दाश्त नहीं कर सकते? ललन सिंह का बयान

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क्या बिहार के लोग गाली-गलौज की भाषा बर्दाश्त नहीं कर सकते? ललन सिंह का बयान

सारांश

बिहार की राजनीति में हलचल मचाने वाली वोटर अधिकार यात्रा पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की प्रतिक्रिया ने सियासी गरमा-गरमी को बढ़ा दिया है। क्या बिहार के लोग वाकई गाली-गलौज की भाषा को सहन नहीं करेंगे? जानिए इस मुद्दे पर ललन सिंह का क्या कहना है।

मुख्य बातें

बिहार के लोग गाली-गलौज की भाषा को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ललन सिंह ने वोटर अधिकार यात्रा को फर्जीवाड़ा बताया।
राजद के शासनकाल में भी ऐसी भाषा का प्रयोग होता था।
संविधान का उल्लंघन करने का आरोप भी लगा है।
राजनीति में संयम की आवश्यकता है।

पटना, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष होने वाले चुनावों से पहले कथित वोट चोरी के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार महागठबंधन द्वारा निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा ने प्रदेश की राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है। इस दौरान, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इसे फर्जीवाड़ा की यात्रा करार दिया।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस प्रधानमंत्री ने देश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है, उनकी स्वर्गीय माता को निशाना बना कर गालियाँ दी जा रही हैं। बिहार के लोग इस प्रकार की भाषा को कभी भी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने राजद के शासनकाल को याद करते हुए कहा कि जब तेजस्वी यादव के माता-पिता का शासन था, 1990 से 2005 तक, तब ऐसी ही भाषा का उपयोग किया जाता था। यह भाषा इस बात का प्रमाण है कि ये लोग बिहार में फिर से उसी संस्कृति को वापस लाना चाहते हैं। इस पर बिहार के लोग बेहद सजग हैं।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भाजपा द्वारा फेक नैरेटिव फैलाने के आरोपों को नकारते हुए उन्होंने कहा कि वास्तव में तेजस्वी यादव और राहुल गांधी खुद फेक नैरेटिव सेट कर रहे हैं। वे संविधान की पुस्तक लेकर घूम रहे हैं जबकि संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा है कि लोग अपनी नागरिकता साबित करें। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। उन्हें अपनी नागरिकता पहले साबित करनी चाहिए। वे लोग खुद फर्जीवाड़ा कर रहे हैं और मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने कहा कि वे लोग हताशा में हैं, इसीलिए गाली-गलौज की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। शुक्रवार को कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प पर उन्होंने कहा कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, यह स्वाभाविक है। यदि कोई पीएम मोदी की स्वर्गीय माता को गाली देगा, तो प्रतिक्रिया होना निश्चित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इससे राजनीतिक वातावरण और भी विषाक्त हो जाएगा। यह जरूरी है कि सभी पक्ष एक दूसरे के प्रति संयमित रहें और मुद्दों पर चर्चा करें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ललन सिंह ने वोटर अधिकार यात्रा पर कोई टिप्पणी की?
हाँ, ललन सिंह ने इसे फर्जीवाड़ा की यात्रा करार दिया है।
क्या बिहार के लोग गाली-गलौज की भाषा सहन करेंगे?
ललन सिंह का कहना है कि बिहार के लोग इस प्रकार की भाषा को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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