क्या कांग्रेस ने बिहार में एनडीए की सरकार बनने की स्वीकार्यता जताई है? : सुधांशु त्रिवेदी

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क्या कांग्रेस ने बिहार में एनडीए की सरकार बनने की स्वीकार्यता जताई है? : सुधांशु त्रिवेदी

सारांश

कांग्रेस ने बिहार में एनडीए की जीत के संकेत दिए हैं, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मची है। क्या यह बदलाव आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण साबित होगा?

मुख्य बातें

कांग्रेस ने एनडीए की जीत को मान लिया है।
नीतीश कुमार की पुनः सीएम बनने की उम्मीद है।
भाजपा का आत्मविश्वास बढ़ा है।
बिहार की जनता में एनडीए के प्रति समर्थन है।
कांग्रेस ने अपने बयानों में असमंजस दिखाया है।

नई दिल्ली, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को कहा कि बिहार में पहले चरण के मतदान संपन्न होने के बाद कांग्रेस ने यह स्वीकार कर लिया है कि प्रदेश में एनडीए की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनने जा रही है। इस जीत के बाद नीतीश कुमार पुनः सीएम की कुर्सी पर आसीन होने वाले हैं।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पहले चरण के मतदान से पहले कांग्रेस मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को बढ़ावा दे रही थी और अब जब पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है, तो कांग्रेस की तरफ से यह कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कट्टे के दम पर नीतीश कुमार को सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपेंगे।

कांग्रेस की इस थ्योरी से यह स्पष्ट है कि अब इस पार्टी ने मान लिया है कि सूबे में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश की जनता का मिजाज पूरी तरह से एनडीए के पक्ष में है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार से अपने बयान में कहा था कि राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर बंदूक रखकर सीएम पद के उम्मीदवार की घोषणा करवाई। कांग्रेस के इस रुख के बाद प्रधानमंत्री का यह बयान पूरी तरह से सार्थक प्रतीत होता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मैं इस बात को समझ सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद कांग्रेस की भावना आहत हुई होगी कि कैसे उन्हें कट्टे से जोड़ा गया। कट्टा तो राजद की पहचान है, न कि कांग्रेस की। वैसे पूरा देश जानता है कि कांग्रेस की पहचान देश के बड़े-बड़े खूंखार अपराधियों को संरक्षण देने की रही है। कांग्रेस के लोगों ने तो ओसामा को ओसामा जी और हाफिज को हाफिज साहब कहकर संबोधित किया। अफजल को हालात का मारा हुआ बता दिया और याकूब मेमन के मामले को 'ज्यूडिशरी किलिंग' का नाम दिया गया। जाकिर नाइक को शांति का मसीहा कहा गया।

उन्होंने कहा कि मैं निश्चित तौर पर समझ सकता हूं कि जिन लोगों ने आतंकियों का महिमामंडन किया हो, आतंकियों का समर्थन करने में सारी हदें पार कर दी हों, ऐसी स्थिति में अगर हम उनकी तुलना कट्टे से करेंगे, तो उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचेगी ही। ये लोग निश्चित तौर पर अपने मन में कह रहे होंगे कि हम लोग थोड़ी न कट्टे वाले लोगों के बराबर हैं, हम तो इनसे बढ़कर हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार की प्रबुद्ध जनता को देखते हुए हमें पूरा विश्वास है कि प्रदेश में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है। नीतीश कुमार को फिर से सीएम की कुर्सी मिलने जा रही है, क्योंकि बिहार की जनता को कोई बेवकूफ नहीं बना सकता है। बिहार की जनता राजनीतिक रूप से पूरी तरह प्रबुद्ध है। अगर किसी को लगता है कि वो बिहार की जनता को बेवकूफ बना पाएगी, तो उसकी गलतफहमी है। लिहाजा, उसे अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि अपनी संभावित हार से हताश होकर कांग्रेस के नेता कुछ ऊलजलूल बयान दे रहे हैं, जिसे मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि एनडीए का नेतृत्व अपने समर्थन में बढ़ती भीड़ को लेकर आश्वस्त है। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, और राजनीतिक टिप्पणियों का यह दौर आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कांग्रेस ने बिहार में एनडीए की सरकार बनने की स्वीकार्यता जताई है?
हाँ, कांग्रेस ने पहले चरण के मतदान के बाद एनडीए की पूर्ण बहुमत की संभावनाओं को स्वीकार किया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा है?
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता एनडीए के पक्ष में है और नीतीश कुमार फिर से सीएम बनने जा रहे हैं।
कांग्रेस के रुख के बारे में क्या कहा गया?
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रुख को एनडीए की जीत के संकेत के रूप में देखा।
राष्ट्र प्रेस