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क्या भाजपा धर्म के नाम पर नफरत फैलाना चाहती है? राजद प्रवक्ता का बयान

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क्या भाजपा धर्म के नाम पर नफरत फैलाना चाहती है? राजद प्रवक्ता का बयान

सारांश

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी धर्म के नाम पर नफरत फैलाना चाहती है। सुरेश पासी के बयान पर तिवारी की टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। क्या भाजपा वाकई समाज में नफरत का वातावरण बना रही है?

मुख्य बातें

भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप सुरेश पासी के विवादित बयान राजद का सामाजिक सद्भाव की रक्षा का प्रयास बिहार में हिजाब पर बैन का विरोध जेएनयू को बदनाम करने का आरोप

पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने विधायक सुरेश पासी के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर नफरत फैलाना चाहती है।

भाजपा विधायक सुरेश पासी ने कथित तौर पर एक बयान में कहा कि उन्हें मुसलमानों का वोट नहीं चाहिए। उनके इस बयान पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "लोगों को हिंदू और मुसलमान में बांटना, धर्म के नाम पर नफरत फैलाना, भाजपा सिर्फ यही करना चाहती है। इससे समाज में सिर्फ सामाजिक सद्भाव, शांति और भाईचारा खत्म होता है।"

मृत्युंजय तिवारी ने एक विशेष वर्ग पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे की टिप्पणी पर कहा, "लोग अपनी राजनीति के लिए और आम लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसी बातें कहते और करते हैं। कोई भी इस देश को इस्लामिक देश नहीं बना सकता। यह देश नियम-कानून और संविधान से चलेगा।"

राजद प्रवक्ता ने जेएनयू परिसर में नारेबाजी पर कहा कि जेएनयू को एक साजिश के तहत बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "किसी को भी अमर्यादित भाषा बोलने का हक नहीं है। लोकतंत्र में जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगते रहे हैं, लेकिन अगर कोई प्रधानमंत्री या किसी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाता है तो यह नहीं होना चाहिए। यह बिल्कुल गलत है।"

उन्होंने मांग उठाई कि विवादित और आपत्तिजनक बयानों को लेकर एक नियम बनना चाहिए।

इसी बीच, मृत्युंजय तिवारी ने बिहार में ज्वेलरी शॉप पर हिजाब, मास्क और हेलमेट पर बैन लगाने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा, "यह किसी के भी संवैधानिक और मौलिक अधिकार का हनन है। सभी को पता है कि मुस्लिम महिलाएं बुर्का-हिजाब में रहती हैं, लेकिन उन्हें दुकान में घुसने नहीं दिया जाएगा तो यह एक तरीके से तुगलकी फरमान होगा।"

राजद प्रवक्ता ने यह भी कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था चौपट है और भयवश इस तरह का फरमान निकाला गया है।

मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के समय जिस तरह डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया, यह सभी ने देखा। भारत कभी तीसरी शक्ति के सामने नहीं झुका है। यह एक इतिहास रहा है, लेकिन ट्रंप ने भारत के साथ क्या किया है, यह सभी ने देखा है।"

भारत की जीडीपी ग्रोथ पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "जीडीपी ग्रोथ एक बात है, लेकिन देश में आम लोगों और गरीबों की हालत दूसरी बात है। डाटा और आटा, दोनों के बीच बहुत बड़ा अंतर है। गरीबों की थाली खाली है। वे परेशान हैं। अगर जीडीपी ग्रोथ में बढ़ोतरी हो रही है तो यह सरकार का अपना आंकड़ा है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बयानबाजी का स्तर समाज में सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे बयानों से नफरत और भेदभाव को बढ़ावा मिलता है। राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समाज में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश पासी ने क्या बयान दिया?
सुरेश पासी ने कहा कि उन्हें मुसलमानों का वोट नहीं चाहिए।
राजद प्रवक्ता ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने भाजपा पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
क्या बिहार में हिजाब पर बैन लगाने का फैसला सही है?
राजद प्रवक्ता के अनुसार, यह किसी के संवैधानिक अधिकार का हनन है।
मृत्युंजय तिवारी का इस्लामिक देश बनाने के बारे में क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि कोई भी इस देश को इस्लामिक देश नहीं बना सकता।
क्या जेएनयू को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है?
मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि जेएनयू को एक साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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