क्या भाजपा की गोपनीय साजिश है मनरेगा को खत्म करना? : अखिलेश यादव
सारांश
Key Takeaways
- अखिलेश यादव ने भाजपा पर मनरेगा को खत्म करने का आरोप लगाया है।
- नई जी राम जी योजना को लेकर विवाद चल रहा है।
- राज्यों पर बजट का दबाव बढ़ने से मनरेगा प्रभावित हो सकता है।
लखनऊ, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जी राम जी योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को धीरे-धीरे ख़त्म करने की भाजपा की गोपनीय साजिश है।
अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "मनरेगा का नाम बदलने से क्या होगा? असल में, यह मनरेगा को धीरे-धीरे ख़त्म करने की भाजपा की साजिश है। भाजपा सरकार एक ओर मनरेगा का बजट कम कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्यों पर खर्च करने का इतना दबाव बना दिया गया है कि ‘जीएसटी सिस्टम’ में केंद्र से पैसा न मिलने के कारण, पहले से ही खाली खजाने वाले राज्य, अतिरिक्त बजट की व्यवस्था कैसे करेंगे? वे खुद ही इसे खत्म करने में जुट जाएंगे।
उन्होंने लिखा कि सैकड़ों ग्राम सभाओं को ‘अर्बन कैटेगरी’ में डालकर, उनका बजट भी भाजपा सरकार ने मार दिया है। अखिलेश ने आगे लिखा कि असल में मनरेगा का नाम बदलना ही नहीं बल्कि उसे ‘राम-राम’ करना ही भाजपा का असली लक्ष्य है। भाजपा अपने सिवा किसी और का पेट भरते हुए नहीं देख सकती। गरीब कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विकसित भारत जी राम जी-गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन को लेकर कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने जी राम जी की सराहना करते हुए कहा कि अब गड्ढा खोदने एवं पाटने के बजाय रेन वाटर हारवेस्टिंग, चेक डैम, सड़क, नाली, खेल मैदान, ओपन जिम, मंडी निर्माण एवं बड़ी पंचायतों में माल निर्माण जैसे स्थायी कार्य कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अधिनियम विकसित भारत की नींव बनेगा। प्रदेश की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों और एक लाख से अधिक राजस्व ग्रामों को लाभ मिलेगा।