क्या कांग्रेस ने लोगों से पूछने पर वोट चोरी को मुद्दा नहीं माना? : श्रुति चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र है।
- श्रुति चौधरी ने कांग्रेस पर बेबुनियाद हंगामा करने का आरोप लगाया।
- विपक्ष को लोगों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- मनरेगा योजना में रोजगार की गारंटी बढ़ाई गई है।
- राजनीतिक बयानबाजी में परिपक्वता की कमी महसूस की जा रही है।
चंडीगढ़, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस द्वारा 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान की शुरुआत को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, हरियाणा सरकार की मंत्री श्रुति चौधरी ने मंगलवार को कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
श्रुति चौधरी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "विपक्ष बेतुकी बातें कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास कोई ठोस नेतृत्व नहीं है। उन्होंने संविधान को लेकर हंगामा किया कि इसे बदला जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी संविधान की कॉपी को लेकर नाटक किया। इस स्थिति में कांग्रेस पार्टी अपरिपक्व बयानों का सहारा ले रही है। उन्होंने बिना किसी ठोस आधार के पूरा एक वर्ष बर्बाद कर दिया।"
उन्होंने कहा, "किसी भी व्यक्ति से पूछिए, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, कि क्या वोट चोरी एक मुद्दा है? वहीं पर आपको सही जवाब मिल जाएगा। आम जनता को इससे कोई सरोकार नहीं है। इस विषय पर विधानसभा में एक अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था। जब इस पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष हंगामा करने लगा। यह देखकर बहुत दुख होता है क्योंकि विधानसभा एक पवित्र स्थल है। विधानसभा की कार्यवाही पूरे राज्य और देश द्वारा देखी जाती है। इसके बावजूद, विपक्ष का ऐसा व्यवहार बहुत ही निंदनीय है। यह परिपक्व नेतृत्व की पहचान नहीं है।"
चौधरी ने आगे कहा, "जहां तक मनरेगा की बात है, यह योजना बहुत लंबे समय से चल रही है। जब कोई योजना लंबे समय तक चलती है, तो उसमें कुछ कमियां निकलकर आती हैं। ऐसे में सरकार का कार्य उन कमियों को दूर करना और योजना को और बेहतर बनाना है। सरकार का काम यह सुनिश्चित करना है कि पुरानी योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले। यही इस योजना के साथ भी किया गया है। जो कमियां आई हैं, उन्हें दूर कर दिया गया है और चीजें पहले से बेहतर की गई हैं। जहां रोजगार की गारंटी 100 दिन थी, उसे 125 दिन किया गया है।"
उन्होंने कहा, "जहां तक नाम का सवाल है, विपक्ष किस नाम पर आपत्ति जता रहा है? सरकार ने ऐसा क्या नाम दिया है कि विपक्ष इसे सहन नहीं कर पा रहा है? विपक्ष क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है? इसका तो भगवान ही मालिक है।"