क्या देश की कानून व्यवस्था में दखल देने वालों का विरोध करना चाहिए? : सांसद मिलिंद देवड़ा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ लगे नारे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता हमलावर हैं। शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने मंगलवार को इसकी निंदा की।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगों के आरोपी एवं जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जेएनयू परिसर में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए और उमर खालिद के समर्थन में पोस्टर दिखे।
देवड़ा ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "ऐसे मुद्दों का राजनीकरण करना गलत है। नियम और कानून का पालन होना चाहिए। चाहे कोई भारत में रहता हो या न्यूयॉर्क में, अगर वे भारत के कानून-व्यवस्था में दखल देते हैं, तो हम सबको मिलकर इसका विरोध करना चाहिए।"
देवड़ा ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में 'महायुति' की जीत का दावा करते हुए कहा, "आज हम अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने वर्ली आए हैं। यहां पर बहुत तेजस्वी महिला उम्मीदवार हैं। पूरी साउथ मुंबई और खासतौर पर वर्ली में महिलाएं महायुति के साथ खड़ी हैं। हम चुनाव भारी बहुमत से जीतेंगे।"
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ लगे नारे पर कहा, "जेएनयू के छात्र उमर खालिद के खिलाफ जिस प्रकार से सुप्रीम कोर्ट ने एक भूमिका ली है, उसकी प्रतिक्रिया में जेएनयू में मौजूद लेफ्ट विचारधारा के छात्रों ने इस प्रकार के नारे लगाए हैं। उन बच्चों को मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि वैचारिक रूप से वे किसी भी धुरी पर खड़े हो सकते हैं, लेकिन वे एक विद्यार्थी हैं, अपनी-अपनी पढ़ाई करें और अपना करियर बनाएं। राजनीतिक मामलों में दखलअंदाजी न करें।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दोनों लोग पूरे देश में कैसे शांति व्यवस्था हो और कैसे विकास और लोगों का कल्याण हो, उस पर ध्यान दे रहे हैं। आने वाले दिनों में हिंदुस्तान एक विकसित भारत के रूप में तैयार हो, उस दिशा में काम कर रहे हैं।"