क्या देशभर में जनसांख्यिकी स्थिति में बदलाव चिंताजनक है? : सुरेश उपाध्याय
सारांश
Key Takeaways
- सुरेश उपाध्याय की चिंताएं जनसांख्यिकी में बदलाव के गंभीर पहलुओं को उजागर करती हैं।
- राजस्थान सरकार ने इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है।
- हिंदू समुदाय को अपने परंपराओं के पालन में मुश्किलें आ रही हैं।
- मस्जिदों के निर्माण से दोनों समुदायों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।
- समुदायों के बीच शांति स्थापित करने की आवश्यकता है।
जयपुर, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने देशभर में जनसांख्यिकी में हो रहे परिवर्तनों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
सुरेश उपाध्याय ने गुरुवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि राजस्थान सरकार ने बुधवार को इस विषय पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई, जिसमें जनसांख्यिकी बदलाव के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कैसे विशेष समुदाय के लोग पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से आते हैं और मकान खरीदते हैं। इसके बाद, वे अक्सर अप्रिय गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। इससे वहां निवास करने वाले हिंदू समुदाय के लोग भयभीत होकर जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं। धीरे-धीरे वह मोहल्ला मुस्लिम मोहल्ले में तब्दील हो जाता है और अशांति के हालात उत्पन्न होते हैं। इस प्रक्रिया के तहत दंगे की रूपरेखा तैयार की जाती है, जिसे धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाता है। लेकिन अब इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल जयपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल चुकी है। तेजी से मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदुओं से मकान खरीद रहे हैं, जिसके कारण हिंदू समुदाय के लोग औने-पौने दाम में अपने मकान बेचने को विवश हो रहे हैं। इन मोहल्लों में अवैध रूप से मस्जिदें भी बन गई हैं, जो पहले किसी व्यक्ति के नाम पर खरीदी गई थीं।
उन्होंने कहा कि अब मस्जिदों के निर्माण से हिंदू समुदाय के लोगों को अपनी परंपराओं का पालन करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदू समुदाय के लोग प्रतिदिन किसी न किसी त्योहार का आयोजन करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में दोनों समुदायों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए हैं। इन बस्तियों में लव जिहाद के 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनमें से 30-40 मामले मेरे सामने आए हैं। इस स्थिति में दोनों समुदायों के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि हमें ऐसे नियम बनाने होंगे, जिससे दोनों समुदायों के बीच शांति स्थापित की जा सके। साथ ही, मैं मुस्लिम समुदाय से भी अपील करता हूं कि वे भारतीय संस्कृति में ढलने का प्रयास करें। आप अपनी उपासना पद्धति को अपनाने में स्वतंत्र हैं, लेकिन दूसरों पर अपने नियम थोपने का प्रयास न करें।