क्या जीतू पटवारी के कार्यकाल में कांग्रेस संगठन को नई दिशा मिली? - उमंग सिंघार
सारांश
Key Takeaways
- जीतू पटवारी का नेतृत्व संगठन को नई दिशा देता है।
- पार्टी ने कमलनाथ के स्थान पर जीतू पटवारी को जिम्मेदारी सौंपी।
- संगठन में दूरदृष्टि और अनुशासन की आवश्यकता है।
- जनता के हक, किसान, युवा, और अन्य वर्गों की आवाज को उठाने का प्रयास।
- एकजुटता और संघर्ष का महत्व।
भोपाल, १६ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जीतू पटवारी के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के रूप में दो वर्षों के कार्यकाल पर विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में जीतू पटवारी ने संगठन को नई दिशा देने का प्रयास किया।
उमंग सिंघार ने बताया कि राज्य में कांग्रेस को वर्ष २०२३ के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पार्टी ने राज्य नेतृत्व में बदलाव करते हुए कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को जिम्मेदारी सौंपी थी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब उसका नेतृत्व दूरदृष्टि और अनुशासन से प्रेरित हो। राष्ट्रीय स्तर पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी जिस संयम और अनुभव के साथ कांग्रेस परिवार को दिशा दे रहे हैं, वही भावना जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में प्रदर्शित की है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को दिशा देने का जो प्रयास किया है, वह केवल राजनीति नहीं है, बल्कि यह जनविश्वास को पुनः स्थापित करने की एक यात्रा है। पिछले दो वर्षों में उनका नेतृत्व केवल एक पद तक सीमित नहीं रहा, यह कार्यकर्ताओं की ऊर्जा, उम्मीद और आत्मविश्वास का प्रतिबिंब बन गया है। संगठन सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि एक भावना है, और जीतू पटवारी ने इस भावना को जीने का प्रयास किया है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी उम्मीद जताई कि जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी प्रदेश में जनता के हक, किसान, युवा, महिला, दलित, आदिवासी और पिछड़ों की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाती रहेगी और मध्य प्रदेश में पार्टी को नई दिशा देने में सफल होगी। कांग्रेस की राज्य इकाई निरंतर सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की कोशिश कर रही है। साथ ही, एकजुटता प्रदर्शित करने के प्रयास भी जारी हैं।